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फिर तारीख बदली, इंतजार बढ़ा...अब दीपावली तक कानपुर सरैया ROB होगा तैयार

Published: Mon, 14 Sep 2026 08:55 PM (IST)

कानपुर के सरैया आरओबी का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, रेलवे के हिस्से का काम एक महीने में ...और पढ़ें

सरैया क्रासिंग पर लगे जाम में फंसे वाहन। जागरण

सरैया क्रासिंग पर लगे जाम में फंसे वाहन। जागरण

HighLights

  1. रेलवे के कार्यदायी संस्था के इंजीनियर बोले बारिश से प्रभावित हुआ कार्य

  2. रेलवे का शेष काम एक माह में होगा पूर्ण

  3. दीपावली से पहले पुल खुलने की प्रबल संभावना

जागरण संवाददाता, कानपुर। चार साल से लोहे के गर्डरों और अधूरे रास्तों के बीच सरैया आरओबी को निहार रहे लोगों के लिए अब इंतजार की आखिरी घड़ियां शुरू हो गई हैं। जाजमऊ पुल पर भारी वाहनों का आवागमन बंद होने के बाद अब हर घंटे सरैया क्रासिंग पर लगने वाला जाम, फाटक बंद होने पर थमते वाहन और समय के साथ बढ़ती परेशानी ने इस पुल की जरूरत को शहरवासियों के लिए और गहरा कर दिया है। कई बार पुल पूरा होने की तारीख आई और गुजर गई, लेकिन सफर शुरू नहीं हो सका।

अब एक बार फिर तारीख आगे बढ़ी है, मगर इस बार तस्वीर कुछ अलग है। सेतु निगम अपना लगभग पूरा काम कर चुका है और रेलवे लाइन के ऊपर भी 24 गर्डर रखे जा चुके हैं। रेलवे ने शेष काम के लिए एक माह का समय मांगा है। उम्मीद जताई गई है कि अक्टूबर में काम पूरा होने के बाद दीपावली से पहले सरैया आरओबी का शुभारंभ हो जाएगा।

निर्माणाधीन आरओबी का अधिकांश काम सेतु निगम पूरा कर चुका है। अब पुल के उस हिस्से का इंतजार है, जो रेलवे लाइन के ऊपर है। करीब 130 मीटर लंबे हिस्से में 24 गर्डर रखने का काम पूरा किया जा चुका है। तीन हिस्सों में पुल को जोड़ने के बाद अब गर्डरों पर सड़क बनाने समेत रेलवे के अन्य जरूरी काम तेजी से कर रहा है।

रेलवे की कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों के अनुसार बारिश के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। गर्डर लांचिंग के दौरान तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पालन करना पड़ता है। सीमित जगह होने के कारण गर्डरों को असेंबल करने में भी समय लगा। अब मौसम साफ होने के बाद काम में तेजी लाई गई है।

रेलवे की कार्यदायी संस्था का दावा है कि करीब 30 दिन में शेष काम पूरा कर लिया जाएगा। आरओबी करीब 1129 मीटर लंबा है। सेतु निगम ने पुल के लिए 26 पिलर तैयार किए हैं। स्लैब और सुपर स्ट्रक्चर का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। अब रेलवे का हिस्सा पूरा होते ही अप्रोच रोड पर डामरीकरण कराया जाना है। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि रेलवे का काम खत्म होते ही डामरीकरण का काम शुरू किया जाएगा।


चार साल में कई बार बदली योजना

  • सरैया आरओबी की कहानी करीब एक दशक पुरानी है। वर्ष 2016 में 785 मीटर लंबे पुल का प्रस्ताव करीब 78 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ था।
  • वर्ष 2020 में परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण शुरू हुआ।
  • मूल योजना के अनुसार जून 2023 तक काम पूरा होना था, लेकिन यातायात दबाव का अध्ययन करने के बाद पुल को मरहला चौराहे के आगे तक बढ़ाने का फैसला हुआ।
  • इससे लंबाई करीब 350 मीटर बढ़कर 1129 मीटर हो गई और लागत भी 150 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई। डिजाइन में बदलाव, बजट स्वीकृति और निर्माण संबंधी जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण के कारण परियोजना आगे खिसकती रही।
  • सितंबर 2024 में संशोधित योजना के तहत निर्माण फिर गति में आया। ]
  • अधूरे कार्य को पूरा कराने के लिए अप्रैल 2025 में सेतु निगम मुख्यालय ने करीब 40 करोड़ रुपये का शेष कार्य साईं डेवलपर्स एंड कंस्ट्रक्शन को सौंपा। इसके बाद अधूरे 10 पिलरों का निर्माण पूरा कराया गया।


जाजमऊ पुल की मरम्मत से बढ़ी समस्या

सरैया आरओबी कानपुर-उन्नाव और लखनऊ के बीच यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग है। जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत का काम शुरू होने के बाद सरैया क्रासिंग पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया है। इस दौरान यातायात को सबसे छोटा महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ता भारी वाहनों के लिए यही है। सरैया आरओबी शुरू होने पर इस मार्ग से भारी वाहन निकल सकेंगे, जिससे 60 किमी का चक्कर भी बचेगा।

ट्रांसगंगा सिटी के लिए भी अहम

आरओबी शुरू होने से ट्रांसगंगा सिटी, कानपुर और लखनऊ के बीच आवागमन आसान होगा। उन्नाव में 1144.13 एकड़ में विकसित ट्रांसगंगा सिटी में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने के साथ भारी वाहनों की आवाजाही भी बढ़ रही है। पुल चालू होने पर दिल्ली, अलीगढ़, एटा, मैनपुरी, कन्नौज और मंधना की ओर से लखनऊ जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव भी घटने की उम्मीद है।


सरैया आरओबी निर्माण में सेतु निगम का निर्माण कार्य खत्म हो चुका है, रेलवे ने एक माह का फिर अतिरिक्त समय मांगा है, बारिश के कारण कार्य प्रभावित हुआ है। जिसके कारण उन्हें समय दिया गया है। दीपावली से पहले पुल का शुभारंभ करने की तैयारी की जा रही है।
धर्मवीर सिंह, प्रबंध निदेशक, सेतु निगम मुख्यालय

 

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