एचबीटीयू में बीटेक के बाद नहीं करना पड़ेगा एमटेक, सीधा पीएचडी कर सकेंगे छात्र
अध्यादेश तैयार नए सत्र के लिए किए गए कुछ परिवर्तन बीटेक में 75 फीसद अंक व दो साल के अनुभवी को मिलेगा मौका।
कानपुर, जागरण संवाददाता। पीएचडी करने के लिए अब बीटेक के बाद एमटेक नहीं करना होगा। हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) ने बीटेक छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए पीएचडी अध्यादेश में बदलाव किए हैं। इस साल उन छात्रों को भी पीएचडी में मौका दिया जाएगा, जिनके पास बीटेक की 75 फीसद और उससे अधिक अंकों की डिग्री होगी। इसके साथ ही संबंधित विषय में काम करने या पढ़ाने का दो वर्षीय अनुभव होगा।
दाखिले के लिए इन्हें भी एमटेक छात्रों की तरह ही प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार से गुजरना होगा। प्रवेश परीक्षा में 50 फीसद अंक लाने वालों को ही साक्षात्कार तक पहुंचने का मौका दिया जाएगा। एचबीटीयू के डीन एकेडमिक प्रोफेसर आनंद कुमार ने बताया कि बीटेक छात्रों को मौका देने के लिए अध्यादेश में बदलाव किया गया है। अब अगर उनमें क्षमता है तो वह बीटेक के बाद दो साल का अनुभव प्राप्त करके पीएचडी कर सकते हैं। वर्तमान में पीएचडी की 80 से अधिक सीटें हैं। इस नए नियम के बाद सीटें बढ़ाई जा रही हैं। इस संबंध में डीन आरएंडडी केएम महापात्रा ने बताया कि पीएचडी का अध्यादेश तैयार हो चुका है। जून माह में आवेदन फॉर्म जारी कर दिए जाएंगे। जुलाई माह के अंत तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
पिछले वर्ष 38 छात्रों को मिला था दाखिला
एचबीटीयू की पीएचडी प्रवेश परीक्षा के आधार पर पिछले वर्ष 38 छात्रों को दाखिला दिया गया था। एकेटीयू व एचबीटीयू के छात्रों को मिलाकर वर्तमान में 65 छात्र पीएचडी कर रहे हैं।
एमटेक के प्रवेश साथ में होंगे
डीन एकेडमिक प्रोफेसर आनंद कुमार ने बताया कि पीएचडी के साथ-साथ एमटेक के प्रवेश भी होंगे। गेट के स्कोर के आधार पर एमटेक की सात ब्रांच में 106 सीटों पर दाखिला मिलेगा। सीटें बचने की सूरत में एमटेक की प्रवेश परीक्षा भी आयोजित कराई जाएगी।
दाखिले के लिए इन्हें भी एमटेक छात्रों की तरह ही प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार से गुजरना होगा। प्रवेश परीक्षा में 50 फीसद अंक लाने वालों को ही साक्षात्कार तक पहुंचने का मौका दिया जाएगा। एचबीटीयू के डीन एकेडमिक प्रोफेसर आनंद कुमार ने बताया कि बीटेक छात्रों को मौका देने के लिए अध्यादेश में बदलाव किया गया है। अब अगर उनमें क्षमता है तो वह बीटेक के बाद दो साल का अनुभव प्राप्त करके पीएचडी कर सकते हैं। वर्तमान में पीएचडी की 80 से अधिक सीटें हैं। इस नए नियम के बाद सीटें बढ़ाई जा रही हैं। इस संबंध में डीन आरएंडडी केएम महापात्रा ने बताया कि पीएचडी का अध्यादेश तैयार हो चुका है। जून माह में आवेदन फॉर्म जारी कर दिए जाएंगे। जुलाई माह के अंत तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
पिछले वर्ष 38 छात्रों को मिला था दाखिला
एचबीटीयू की पीएचडी प्रवेश परीक्षा के आधार पर पिछले वर्ष 38 छात्रों को दाखिला दिया गया था। एकेटीयू व एचबीटीयू के छात्रों को मिलाकर वर्तमान में 65 छात्र पीएचडी कर रहे हैं।
एमटेक के प्रवेश साथ में होंगे
डीन एकेडमिक प्रोफेसर आनंद कुमार ने बताया कि पीएचडी के साथ-साथ एमटेक के प्रवेश भी होंगे। गेट के स्कोर के आधार पर एमटेक की सात ब्रांच में 106 सीटों पर दाखिला मिलेगा। सीटें बचने की सूरत में एमटेक की प्रवेश परीक्षा भी आयोजित कराई जाएगी।
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