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6 साल का इंतजार खत्म, रात 12 बजे से कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सरैया आरओबी पर दौड़े वाहन

Published: Wed, 04 Nov 2026 03:01 PM (IST)

कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सरैया रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को मंगलवार रात 12 बजे से यातायात के लिए खोल दिया गया है, ...और पढ़ें

लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सरैया आरओबी। जागरण

लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सरैया आरओबी। जागरण

HighLights

  1. लखनऊ-कानपुर हाईवे पर लंबे जाम के बाद मंडलायुक्त ने डीएम उन्नाव से बात कर रात में ही शुरू कराया आवागमन

  2. छह साल में 150 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बना 1129 मीटर लंबा पुल, पांच नवंबर को होगा लोकार्पण समारोह

जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लगने वाले लंबे जाम से परेशान राहगीरों को बड़ी राहत मिली है। छह साल से अधिक समय में बनकर तैयार हुए सरैया रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर मंगलवार रात 12 बजे से वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार और जाम की स्थिति को देखते हुए मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन ने देर रात उन्नाव के जिलाधिकारी से बात की और तत्काल पुल पर यातायात शुरू कराने का निर्णय लिया। हालांकि, पुल का औपचारिक शुभारंभ पांच नवंबर को स्थानीय सांसद साक्षी महाराज करेंगे।


करीब 150 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार 1129 मीटर लंबे इस आरओबी के शुरू होने से कानपुर और उन्नाव के बीच आवागमन आसान होगा। अब रेलवे क्रासिंग बंद होने पर वाहनों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खासकर लखनऊ-कानपुर हाईवे पर रोजाना सफर करने वाले लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, सरैया रेलवे क्रासिंग पर ट्रेनों के आवागमन के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती थी। इससे हाईवे पर यातायात प्रभावित होता था और कई बार जाम की स्थिति विकराल हो जाती थी।

मंगलवार को भी हाईवे पर लंबा जाम लगने के बाद प्रशासन ने औपचारिक उद्घाटन का इंतजार किए बिना पुल को यातायात के लिए खोलने का निर्णय लिया। मंडलायुक्त ने उन्नाव जिला प्रशासन से समन्वय बनाकर रात में ही वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया।

78 करोड़ से बढ़कर 150 करोड़ पहुंची लागत

सरैया आरओबी का निर्माण वर्ष 2020 में शुरू हुआ था। जून 2023 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन डिजाइन में बदलाव और निर्माण संबंधी अड़चनों के कारण परियोजना में देरी होती गई। शुरुआत में पुल की लंबाई 785 मीटर प्रस्तावित थी, जिसे यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए बढ़ाकर 1129 मीटर कर दिया गया। इसके साथ ही परियोजना की लागत भी करीब 78 करोड़ रुपये से बढ़कर 150 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। सेतु निगम ने 31 अक्टूबर को निर्माण पूरा कर पुल प्रशासन को सौंप दिया था।

ट्रांसगंगा सिटी के विकास को भी मिलेगी रफ्तार

उन्नाव में 1144.13 एकड़ में विकसित हो रही ट्रांसगंगा सिटी के लिए भी यह पुल महत्वपूर्ण साबित होगा। औद्योगिक इकाइयों के विस्तार के साथ मालवाहक वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी। आरओबी शुरू होने से दिल्ली, अलीगढ़, एटा, मैनपुरी, कन्नौज और मंधना की ओर से लखनऊ जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक रास्ता मिलेगा।

 

लखनऊ कानपुर हाइवे में जाम लगने के कारण मंगलवार रात उन्नाव जिलाधिकारी से वार्ता करके सरैया रेलवे ओवर ब्रिज पर वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया गया है। पांच नवम्बर को स्थानीय जनप्रतिनिधि औपचारिक शुभारंभ करेंगे।
के. विजयेन्द्र पांडियन, मंडलायुक्त



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