Silver Price Updates: चांदी के भाव गिरे तो दीपावली से पहले कारोबार में तेजी, रोज खप रही दो टन चांदी, सिक्कों की बढ़ी मांग
चांदी की कीमतों में नरमी और दीपावली की मांग से कानपुर के सराफा बाजार में तेजी आई है। अब प्रतिदिन ...और पढ़ें
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HighLights
चांदी की कीमतों में नरमी से बाजार में उछाल
दीपावली की मांग ने बढ़ाई दैनिक चांदी खपत
कारीगरों और छोटे कारोबारियों को मिला काम
जागरण संवाददाता, कानपुर। चांदी के भाव में नरमी और दीपावली की मांग ने शहर के सराफा बाजार को नई चमक दे दी है। छह महीने से मंदी की मार झेल रहे चौक सराफा के कारखानों में अब दिन-रात काम हो रहा है।
तार खींचने, ढलाई और जुड़ाई के औजारों की खनक के बीच कारीगरों को काम मिला है तो छोटे कारोबारियों को भी राहत मिली है। बाजार में चांदी की दैनिक खपत बढ़कर करीब दो टन तक पहुंच गई है। बनारसी बिछिया, मद्रासी पायल, करधनी और लक्ष्मी-गणेश के सिक्कों की मांग ने उत्पादन को रफ्तार दी है।

आल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (एआइजेजीएफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में बाजार की गतिविधियां काफी धीमी हो गई थीं। स्थानीय खपत पांच से सात किलो और कुल कारोबार 500 से 600 किलो प्रतिदिन तक सिमट गया था।
अब त्योहार की मांग और कीमतों में नरमी से बाजार में तेजी लौटी है। चांदी की दैनिक खपत करीब दो हजार किलो तक पहुंचने से कारोबारियों को आगामी दिनों में और बेहतर बिक्री की उम्मीद है।

चौक की गलियों में फिर गूंज रही औजारों की खनक
दी चौक सराफा ज्वेलर्स एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के महामंत्री जितेंद्र तिवारी अजय ने बताया कि छह महीने से काम की कमी के कारण कारीगर और छोटे कारोबारी परेशान थे। अब आर्डर बढ़ने से धोबी मोहाल, सीताराम मार्केट और बंगाली मोहाल के कारखानों में देर रात तक काम हो रहा है।
नयागंज चांदी कारोबार का प्रमुख केंद्र
नयागंज चांदी के कारोबार का प्रमुख केंद्र है, जबकि चौक सराफा में आभूषणों का निर्माण होता है। यहां करीब 3500 से 4000 दुकानदार और कारीगर इस कारोबार से जुड़े हैं। उद्योग से लगभग चार हजार परिवारों की आजीविका चलती है।
इनकी सबसे ज्यादा डिमांड
चौक सराफा के कारखानों में पारंपरिक आभूषणों का बड़े पैमाने पर निर्माण होता है। जितेंद्र तिवारी के मुताबिक, यहां के करीब आधे कारीगर बनारसी बिछिया बनाने में जुटे हैं। मजबूत कुंडे और विशेष ढलाई के कारण इनकी मांग देशभर में है। वहीं, फैंसी डिजाइन के बढ़ते चलन के बावजूद मद्रासी पायल, अट्ठा पायल और हाफ पेटी यानी करधनी की मांग ग्रामीण और शहरी बाजारों में बनी हुई है। इन उत्पादों की आपूर्ति प्रदेश के विभिन्न जिलों में की जाती है। दीपावली पर पूजन और उपहार के लिए लक्ष्मी-गणेश के चांदी के सिक्कों की मांग भी बढ़ गई है।
