शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों से सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम; कानपुर निवेशकों के डूबे 2000 करोड़ रुपये
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण सोमवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, ...और पढ़ें
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ये एआई जनरेटेड तस्वीर है।
HighLights
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से शेयर बाजार में भारी गिरावट
कानपुर के निवेशकों को हुआ लगभग 2000 करोड़ रुपये का नुकसान
सेंसेक्स 1124 और निफ्टी 360 अंक से ज्यादा टूटा
जागरण संवाददाता, कानपुर। कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और अमेरिका-ईरान तनाव ने कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को शेयर बाजार का मूड बिगाड़ा तो सोमवार को चौतरफा बिकवाली का माहौल बन गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 108 डालर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से बैंकिंग, फाइनेंशियल और रियल्टी शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव दिखा। मिडकैप और स्मालकैप शेयर में तेज गिरावट ने शहर के निवेशकों को करारा झटका दिया है। शेयर मार्केट के जानकारों के अनुसार स्थानीय निवेशकों को लगभग दो हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1124 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में करीब 360 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में आई इस बड़ी गिरावट से कानपुर के निवेशकों की शेयर बाजार और इक्विटी आधारित योजनाओं में बड़ा नुकसान हुआ है। केश्री ब्रोकिंग के सह- संस्थापक राजीव सिंह के अनुसार क्रूड के महंगा होने से देश के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो महंगाई और कंपनियों की उत्पादन लागत पर भी असर पड़ने की आशंका है।
निवेशकों को यही चिंता बाजार में सबसे ज्यादा परेशान कर रही है। सोमवार को चार मोर्चों पर दबाव देखने को मिला है ,जिसमें कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, रुपये पर अमेरिकी डालर का दबाव, अमेरिकी बांड से मिलने वाले लाभ में बढ़ोतरी और बैंकिंग व फाइनेंशियल शेयरों में भारी बिकवाली शामिल है।
सोना-चांदी भी नहीं बने सुरक्षित ठिकाना
उन्होंने बताया कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव का असर सोमवार को सोना-चांदी पर अतिरिक्त दबाव के तौर पर देखा गया। सामान्य परिस्थितियों में शेयर बाजार में गिरावट और वैश्विक तनाव के बीच सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने को सहारा मिलता है, लेकिन इस बार अमेरिकी बांड से लाभ में उछाल और ब्याज दरों को लेकर बनी आशंकाओं ने कीमती धातुओं पर भी दबाव बनाया।
शेयर मार्केट विशेषज्ञ व डीफ एमएफडी के प्रमोटर डायरेक्टर प्रदीप सिन्हा ने बताया कि अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार की चाल फिलहाल अलग-अलग दिखाई दे रही है लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और कंपनियों की कमाई में भी बढ़ोतरी हो रही है। बाहरी दबाव के कारण बाजार टूटा है। अमेरिका की नीतियां वैश्विक हित में लागू होंगी तो सुधार होगा।
