कानपुर महापौर का अपनी ही पार्टी पर फूटा गुस्सा, बोलीं- अपने बेटों संग काम करते सांसद व विधायक, फिर मेरे बेटे से आपत्ति क्यों?
कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय ने अपने बेटे अमित पांडेय के नगर निगम के कार्यों में हस्तक्षेप को लेकर उठ ...और पढ़ें

HighLights
महापौर प्रमिला पांडेय ने बेटे के नगर निगम कार्यों में हस्तक्षेप पर जवाब दिया
सांसद-विधायक के बेटों से तुलना कर अपने बेटे पर आपत्ति पर सवाल
नगर निगम विवाद में लगे आरोपों को निराधार बताया, पार्टी हित सर्वोपरि
जागरण संवाददाता, कानपुर। नगर निगम के कार्यों में बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी के हस्तक्षेप को लकेर उठ रहे सवालों पर महापौर प्रमिला पांडेय का गुस्सा फूटा। महापौर प्रमिला पांडेय ने साफ कहा कि उनके बेटे के आफिस में आने पर सभी आपत्ति जता रहे रहे है जबकि सांसद व विधायक के भाई व बेटे साथ बैठ रहे है। तब किसी को आपत्ति नहीं है।
शनिवार को नगर निगम सदन की बैठक के दौरान कौशलपुरी मंडल के मंत्री मनीष बाजपेयी को महापौर के कार्यालय में घुसने पर रोके जाने और पुलिस को सौपने के आरोप और कार्यालय में बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी के बैठने को लेकर महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि सांसद के बेटे काम कर सकते है भाई कार्यालय आ सकते है। मेयर का बेटा कार्यालय नहीं आ सकता है। उनका बेटा नगर निगम कार्यकारिणी व सदन और सरकारी बैठकों में बैठता हो तो आपत्ति की जाए?
महापौर ने कहा कि चार पार्षद पहले से ही सदन में हंगामा का मन बनाकर आए ते। सदन की वीडियो रिकार्डिंग कर रहे थे लाइफ करके एक बड़े नेता को सदन की कार्रवाई दिखा रहे थे।
बीते दिन नगर निगम में कार्यकारिणी के सदस्यों का सर्वसम्मति से चुनाव हुआ। सत्ता पक्ष और विपक्षी पार्षदों द्वारा सदन के प्रति और उनके ऊपर भरोसा जताया गया। संगठन, भाजपा पार्षद दल और भाजपा के सभी जनप्रतिनिधियों के सहयोग से बिना चुनाव के कार्यकारिणी के सदस्यों का चयन सर्वसम्मति से हो गया।
कार्यकारिणी के इसी चुनाव के दौरान तनाव पैदा करने की कोशिश उनके परिवार के चार पार्षदों द्वारा की गई। जब वे इसमें सफल नहीं हुए, तो साजिश के तहत एक मनगढ़ंत मुद्दे को लेकर नगर निगम और उन पर झूठे आरोप लगाए गए। ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं। पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता को बंधक नहीं बनाया गया है और वह स्वयं भाजपा की चार दशकों से सक्रिय सदस्य है। ऐसा कुछ भी नहीं होने दूँगी, जिससे पार्टी की छवि प्रभावित हो।
महापौर ने साफ कहा कि जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित के बयान से मैं आहत हूं। वह उनके भाई हैं। उनके साथ लंबे अरसे तक साथ काम किया है और आगे भी करती रहूंगी। यदि उन्होंने उनसे संपर्क किया होता, तो वह उन्हें पूरी सच्चाई बताती। उन्होंने उनसे कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन शायद उनकी व्यस्तता के कारण बात नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा कि आरोप राजनीति का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन उनके लिए पार्टी हित सर्वोपरि है। हजार झूठ भी एक सत्य को नहीं हिला सकते उनका बेटा पिछले 20 सालों से भारतीय जनता पार्टी की सक्रिय राजनीति में सक्रिय है।
