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नगर निगम विवाद में मंडल मंत्री का भी बड़ा आरोप, भाजपा महापौर और जिलाध्यक्ष में ठनी, प्रमिला पांडेय ने बताया साजिश

Published: Sun, 27 Sep 2026 10:48 PM (IST)

कानपुर नगर निगम में भाजपा के भीतर विवाद गहरा गया है, जहां मंडल मंत्री को महापौर कार्यालय में जबरन बैठाने ...और पढ़ें

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HighLights

  1. मंडल मंत्री को महापौर कार्यालय में जबरन बैठाने का आरोप

  2. महापौर प्रमिला पांडेय ने आरोपों को साजिश करार दिया

  3. जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कार्यकर्ता के अपमान पर जताई आपत्ति

जागरण संवाददाता, कानपुर। नगर निगम में विवाद को लेकर भाजपा के भीतर सियासी खटपट खुलकर सामने आ गई। मंडल मंत्री को महापौर कार्यालय में जबरन बैठाने के आरोप ने संगठन और महापौर के बीच चल रही खींचतान को हवा दे दी।

अब आरोपों की गेंद संगठन के पाले में है और पदाधिकारी साक्ष्यों की तलाश में जुटे हैं। वहीं महापौर ने पूरे प्रकरण को साजिश करार दिया है, जबकि जिलाध्यक्ष ने इसे कार्यकर्ता का अपमान बताकर क्षेत्रीय और प्रदेश नेतृत्व को शिकायत पत्र भेजने की बात कही।

रविवार को बागी पार्षद पव गुप्ता, लक्ष्मी कोरी और मंडल मंत्री मनीष बाजपेयी ने क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू और प्रभारी शंकरलाल लोधी से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
आरोप लगाया कि महापौर के बेटों ने जबरन मंडल मंत्री को बैठाकर मोबाइल छीन लिया। बाद में चोरी का आरोप लगा पुलिस को सौंप दिया।

पार्टी पदाधिकारियों ने मामले से जुड़े सभी साक्ष्य पार्षदों से मांगकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं इस भाजपा उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि कार्यकर्ता के साथ अभद्रता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी, जो दोषी होंगे संगठन कार्रवाई करेगा।

उधर, महापौर प्रमिला पांडेय ने आरोपों को निराधार बताया, कहा कि कार्यकारिणी के चुनाव के दौरान उनके परिवार के चार पार्षदों ने तनाव पैदा करने का प्रयास किया। जब सफलता नहीं मिली तो साजिश के तहत मनगढ़ंत आरोप लगाए गए।

जिलाध्यक्ष के बयान पर महापौर ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। चर्चा यह भी है कि कार्यकारिणी चुनाव के लिए जिलाध्यक्ष उत्तर की ओर से संगठन को भेजे गए नामों में से कोई नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं किया।

जिन्हें दुनिया नहीं दिखती, वे अनुशासन यहां आकर सीखें : सांसद

जवाहर नगर स्थित दिव्यांग विद्यालय पहुंचे सांसद रमेश अवस्थी ने रविवार को दृष्टिबाधित बच्चों से संवाद किया। बच्चों के बीच समय बिताकर सांसद ने उनकी प्रतिभा और अनुशासन की सराहना की। सांसद ने नगर निगम में हुए हंगामे को लेकर बिना नाम लिए तंज भी कसा। कहा कि जो अनुशासन और गरिमा यहां देखने को मिली, वह सभी के लिए सीख है। जो देख नहीं सकते, वे अनुशासन मिसाल हैं, जबकि जिन्हें जनता की जिम्मेदारी मिली है, उन्हें यहां आकर अनुशासन सीखना चाहिए। सेवा संकल्प अभियान के तहत सांसद और भाजपा नेता दृष्टि बाधित बच्चों से संवाद करने पहुंचे थे। विद्यालय के प्राचार्य इंद्रजीत सिंह के अनुरोध पर सांसद ने बच्चों को वर्ष में दो बार बाहर भ्रमण कराने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष उत्तर अनिल दीक्षित, अभिनव दीक्षित, जन्मेजय सिंह, अभिमन्यु सक्सेना रहे।