फतेहपुर, जेएनएन। Dead Bodies in Ganga गंगा नदी के जलस्तर में आधा मीटर का इजाफा होते ही रेती में पड़े शव बहकर आने लगे हैं। रविवार को गंगा नदी में जिले की सीमा में सात और रायबरेली की सीमा में एक शव उतराता दिखने पर उन्हें निकाल कर कोविड प्रोटोकाल के बीच अंतिम संस्कार किया गया। प्रशासन की टीम नाव से अभयपुर से लेकर खागा के नौबस्ता तक सर्च अभियान चलाती रही।  

गंगा नदी के कोटिया घाट में सुबह पहर ग्रामीणों ने पीपीई किट में पैक शव गंगा नदी के किनारे देखा। एसडीएम बिंदकी विजयशंकर तिवारी ने टीमों की मदद से शव को निकालकर पनी देखरेख में अंतिम संस्कार करवा दिया। एसडीएम ने टीम के साथ शिवराजपुर से आदमपुर तक गंगा घाट में सर्चिंग कराई पर कोई और शव नहीं मिला। यहां पर बीडीओ प्रतिमा वर्मा, मलवां एसओ अरविंद सिंह रहे, जबकि शव का अंतिम संस्कार करने में डॉ. अमलेश जोशी व उनकी टीम रही। कोटिया में शव मिलने के बाद सदर एसडीएम प्रमोद झा ने टीम के साथ स्टीमर से गंगा नदी में सर्चिंग कराई। करीब तीन घंटे चले सर्च अभियान में भिटौरा के ओमघाट से असनी तक छह शव मिले, जिनका अंतिम संस्कार भिटौरा घाट में कराया गया। इस दौरान नायब तहसीलदार विकास पांडेय व एसओ हुसेनगंज भी मौजूद रहे।

60 से 70 दिन पुराने शव: गंगा नदी में मिले सात शवों में कोटिया घाट के निकट मिले शव को छोड़ दिया जाए तो भिटौरा से असनी के बीच मिले छह शव 60 से 70 दिन पुराने होने की बात सामने आई है। एसडीएम ने बताया कई शव ऐसे हैं, जिनमें सिर्फ सीने से कमर तक का ही हिस्सा बचा है। कहा, अनुमान है कि गंगा में पानी बढऩे से शव कहीं दूर से बहकर आए हैं। 

इनका ये है कहना

गंगा नदी के कोटिया घाट में शव बहने की सूचना पर ओमघाट से असनी तक सर्च अभियान चलाया गया। छह शव मिले हैं, जिनका अंतिम संस्कार कराया गया है। सोमवार को भी नदी में सर्च अभियान चलाया जाएगा। - प्रमोद झा , एसडीएम सदर।  

 

Edited By: Shaswat Gupta