DMSRDE पहुंचकर राजनाथ सिंह ने देखे ऊंचे पहाड़ों पर गोला दागने वाले टैंक, टिकाऊ रक्षा उत्पाद तैयार करने की कि अपील
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DMSRDE का दौरा कर ऊंचे पहाड़ों पर गोला दागने वाले टैंकों का निरीक्षण किया। उन्होंने आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए टिकाऊ रक्षा उत्पादों के निर्माण की अपील की। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत को रक्षा उत्पादों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और गुणवत्ता से समझौता किए बिना लागत प्रभावी समाधान विकसित किए जाने चाहिए। सरकार रक्षा अनुसंधान और विकास में निवेश बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

DMSRDE पहुंचकर राजनाथ सिंह ने देखे ऊंचे पहाड़ों पर गोला दागने वाले टैंक।
जागरण संवाददाता, कानपुर। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को डीएमएसआरडीई (डिफेंस मैटेरियल्स एंड स्टोर्स रिसर्च एंड डवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट) पहुंचकर ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में गोले दागने वाले टैंकों को देखा और टैंक की गोला दागने की क्षमता व अन्य अत्याधुनिक उपकरणों की जानकारी ली।
रक्षामंत्री शाम सवा पांच बजे के बाद डीएमएसआरडीई पहुंचे। गेट के पास लगी पूर्व राष्ट्रपति व मिसाइलमैन एपीजे अब्दुल कलाम की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। शाम छह बजे के बाद संस्थान के अधिकारियों के साथ प्रगति समीक्षा बैठक में उन्होंने डीएमएसआरडीई के बूट एंटीमाइन, हाई एल्टीट़यूड टैंक और बुलेट प्रूफ जैकेट का प्रदर्शन भी देखा।
अधिकारियों ने संस्थान के अन्य उत्पादों और अनुसंधान कार्यों के बारे में उन्हें बताया। सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्री ने वैज्ञानिकों से अपील की कि वह टिकाऊ, बेहतरीन के साथ ही सस्ते रक्षा उत्पाद तैयार करने को लेकर शोध करें।
इससे पहले चकेरी एयरपोर्ट पर भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के प्रतिनिधि मण्डल ने उनसे मुलाकात कर विभिन्न समस्याओं के बारे में बताया और कर्मचारियों के हित में फैसले किए जाने की मांग की।
प्रतिनिधि मण्डल ने आठवें वेतन आयोग के शीघ्र गठन एवं रक्षा संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों के लिए प्रसार भारती मॉडल को लागू करने का आग्रह किया। प्रतिनिधि मण्डल में जेसीएम तृतीय के सचिव साधु सिंह, योगेंद्र सिंह चौहान , पुनीत चंद्र गुप्ता, सुरेश यादव, तनवीर अहमद शामिल रहे।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।