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कानपुर के पनकीधाम गुड्स शेड से बांग्लादेश को पहली बार माल लदान, रेलवे को मिला लाखों का राजस्व

Published: Wed, 09 Sep 2026 06:55 PM (IST)

पनकीधाम गुड्स शेड से पहली बार बांग्लादेश के लिए 21 वैगन डि-आयल केक भेजे गए, जिससे रेलवे को लगभग 24 ...और पढ़ें

पनकीधाम गुड्स शेड से ट्रेनों में ट्रकों से लदता माल। रेलवे

पनकीधाम गुड्स शेड से ट्रेनों में ट्रकों से लदता माल। रेलवे

HighLights

  1. पनकीधाम गुड्स शेड से बांग्लादेश को पहली खेप भेजी

  2. 21 वैगन डि-आयल केक से 24 लाख रुपये भाड़ा मिला

  3. किसानों और स्थानीय कारोबारियों को बड़ा बाजार मिलेगा

जागरण संवाददाता, कानपुर। पनकीधाम रेलवे स्टेशन के पास स्थित गुड्स शेड की नई लाइन संख्या 15 से पहली बार माल लदान की शुरुआत हो गई है। रेलवे के माल परिवहन विस्तार की दिशा में इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहाहै। पहली खेप में 21 बीसीए (बोगी कवर्ड एयरब्रेक) वैगनों में डि-आयल केक (तेल रहित खली) लादकर डेडीकेटेड फ्रेट कारिडोर (डीएफसी) के माध्यम से बिहार व बंगाल के रास्ते बांग्लादेश के रोहनपुर भेजा गया, इससे लगभग 24 लाख रुपये मालभाड़ा मिलेगा। इसी गुड्स शेड से असम के सिलचर के लिए चार वैगन चावल भेजा गया, जिससे 6,71,535 रुपये राजस्व मिला। दोनों लदान से रेलवे को करीब 30.7 लाख रुपये का मालभाड़ा मिला है। यहां से मक्का व आलू की लदान भी शुरू होगी।


पनकीधाम गुड्स शेड से बांग्लादेश के लिए हुई यह लोडिंग रेलवे के लिए नई कमोडिटी और नए बाजार को रेल परिवहन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।प्रयागराज रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि पनकीधाम गुड्स शेड की नई लाइन शुरू होने से यहां माल लदान की क्षमता और सुविधाएं बढ़ी हैं।

प्रयागराज और कानपुर की टीमों के लगातार प्रयास, बेहतर समन्वय और व्यापारिक पक्षों से संपर्क के जरिए नए ग्राहकों को रेल परिवहन से जोड़ा जा रहा है। हाल ही में कानपुर गुड्स शेड से मक्का की पहली लोडिंग भी शुरू हुई थी। इस तरह की लोडिंग बढ़ने से मालभाड़ा राजस्व में इजाफा होगा। साथ ही स्थानीय उद्योगों और कारोबारियों को बड़े पैमाने पर माल भेजने के लिए रेल परिवहन का सुरक्षित और किफायती विकल्प मिलेगा।

20 वैगन मक्का का भी हुआ लदान

केंद्रीय माल गोदाम, कानपुर से पिछले चार वर्षों में पहली बार 20 बीसीएन वैगनों में मक्का का लदान किया गया। इस लदान से रेलवे को 16,64,458 का मालभाड़ा मिला। इस पहल से भविष्य में और भी बेहतर लोडिंग की संभावनाएं जताई जा रही हैं।


किसानों को बड़ा बाजार मिलेगा, खुलेगी आय की राह

पनकीधाम गुड्स शेड से बांग्लादेश और सिलचर जैसे दूर के बाजारों तक माल भेजने की सुविधा बढ़ने से कृषि उपज को स्थानीय बाजार से बाहर भेजने के रास्ते खुलेंगे। बेहतर बाजार संपर्क से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ सकती है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में अनाज और अन्य सामान रेल से भेजना व्यापारियों के लिए परिवहन व्यवस्था को आसान बनाएगा। दूसरी ओर गुड्स शेड पर लोडिंग-अनलोडिंग, पैकिंग, ढुलाई और परिवहन से जुड़े काम बढ़ेंगे। इसका स्थानीय श्रमिकों, ट्रांसपोर्टरों और छोटे कारोबारियों को फायदा मिलेगा। साथ ही आसपास के जिलों के किसान और व्यापारी यहां से अपना सामान बाहर भेज सकते हैं। रेलवे ने हाल ही में इटावा के फफूंद स्टेशन पर भी माल गोदाम का निर्माण शुरू करा दिया। तीन महीने में यहां से भी माल का लदान हो सकेगा।

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