यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कानपुर IIT के प्रो मणींद्र अग्रवाल बोले- दुनिया में कोरोना लहर जैसा अब कुछ नहीं, आइसोलेशन रणनीति रही कारगर
कानपुर आइआइटी के प्रो मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि अब दुनिया में कोरोना लहर जैसा कुछ नहीं है। वहीं सर्दी-जुकाम ...और पढ़ें

कानपुर, जागरण संवाददाता। आइआइटी कानपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो मणींद्र अग्रवाल ने कहा है कि पूरी दुनिया में अब कहीं भी कोरोना लहर जैसे संकेत नहीं मिल रहे। इसकी बड़ी वजह डाटा की कमी भी है लेकिन जिन देशों ने आइसोलेशन रणनीति अपनाई थी अब वहां भी कोरोना लहर जैसी बात नहीं रही। उन्होंने कहा कि इन दिनों सर्दी-जुकाम और कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण वाले मामले इन्फ्लुएंजा के हैं।
शहर में बढ़ रहे इन्फ्लुएंजा मामलों में कोरोना के लौटने की आशंका जताई जा रही है। इस बारे में दैनिक जागरण ने आइआइटी कानपुर के प्रो मणींद्र अग्रवाल से बात की है। अपने गणितीय माडल के आधार पर कोरोना मामलों के फैलने की सटीक भविष्यवाणी करने वाले पद्मश्री प्रो अग्रवाल ने बताया दुनिया में कोरोना की नई लहर आने के संकेत बिल्कुल नहीं हैं। इससे कहा जा सकता है कि अब दुनिया में कोरोना का खतरा नहीं है।
चीन जैसे जिन देशों ने आइसोलेशन रणनीति पर काम किया था वहां भी कोरोना के मामले अब नहीं बढ़ रहे हैं। कोरोना मामलों के डाटा विश्लेषण में भी समस्या आ रही है। सभी देशों में कोरोना मामलों की जांच कम हो रही है। इससे डाटा अधूरा मिल रहा है। हमारी टीम ने दुनिया के लगभग तीन दर्जन देशों के कोरोना मामलों का अध्ययन किया है।
अब सभी जगह कोरोना के मामले नगण्य हैं। इससे पता चलता है कि मनुष्यों में कोरोना की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी है। भारत में भी जो एक दिन में 326 मामले मिले हैं। वह बिल्कुल चिंताजनक नहीं हैं। अब कोरोना दम तोड़ चुका है और सामान्य फ्लू की तरह व्यवहार करने लगा है। इन दिनों जो मामले अस्पताल में पहुंच रहे हैं उन्हें चिकित्सकों ने इन्फ्लुएंजा बताया है।
