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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सदन में प्रियंका गांधी वाड्रा ने पढ़ा शुभम की पत्नी का बयान, बोलीं- एशान्या ने सुरक्षा पर उठाए थे सवाल

By Anurag Shukla1Edited By: Anurag Shukla1
Published: Tue, 29 Jul 2025 02:46 PM (IST)

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सदन में एशान्या के बयान को पढ़तीं प्रियंका वाड्रा।
सदन में एशान्या के बयान को पढ़तीं प्रियंका वाड्रा।

जागरण संवाददाता, कानपुर। Parliament Monsoon Session 2025: आपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) पर सरकार की ओर से लोकसभा में दिए जवाब पर प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने सवाल उठाए। उन्होंने अपनी बात पहलगाम हमले से शुरू की। साथ ही शुभम की पत्नी एशान्या (Aishanya) के दर्द को बयां किया।

उन्होंने कहा, कानपुर के शुभम द्विवेदी और उनकी पत्नी एशान्या का वीडियो सबने देखा। कितना हंसता खेलता परिवार था। दोनों की छह महीने पहले ही शादी हुई थी। दोनों का प्रेम और दोस्ती का रिश्ता भावुक करने वाला है। घटना के बाद एक वीडियो सामने आया था जिसमें दोनों ताश खेलत हुए कितने खुश थे। कैसे हमने इस परिवार को उजड़ने दिया। पहलगाम हमले के दिन तमाम पर्यटक वहां पर थे।

उन्होंने कहा, शुभम चाय के स्टाल पर खड़ा था। तभी चार आतंकवादियों ने पत्नी एशान्या के सामने उसे मार दिया। वहां पर पूरे वैली में एक घंटे तक लोगों को चुन चुनकर मारा गया। किसी के पिता को उसके बेटे के सामने मारा गया, किसी के पति को, किसी के बेटे को। शुभम के गोली लगी, हर तरफ गोलियां चल रही थीं। शुभम की पत्नी जंगल की तरफ दौड़ीं। जान बचाने की कोशिश करती हैं। वहां देखती हैं कि पहाड़ों में बच्चे, महिलाएं भीड़ दौड़ रही है। एशान्या को लगा कि कोई शक्ति  थी जिसने उन्हें बचाकर रखा। किसी तरह से अकेले बचकर जंगल के रास्ते नीचे पहुंचे। 

उन्होंने पेपर उठाकर अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि मैं एशान्या का बयान पढ़ना चाहती हूं। ये शब्द एशान्या के हैं। एक घंटे चुन चुनकर मारा जा रहा था। तब एक भी सुरक्षा कर्मी नहीं दिखा। एक सैनिक भी नहीं दिखा।  मैंने अपनी दुनिया को खत्म होते देखा। अपनी आंखों के सामने एक सिक्योरिटी गार्ड नहीं था। मैं यह कह सकती हूं कि देश और सरकार ने अनाथ छोड़ दिया था। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, सरकार को जवाब देना चाहिए कि सिक्योरिटी क्यों नहीं थी।