यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कानपुर देहात के रसूलाबाद में पुलिस पर हमले में दारोगा नाजुक, सिपाहियों की हालत स्थिर
एडीजी व डीआइजी ने अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिस कर्मियों का हाल लिया। उन्होंने आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के ...और पढ़ें

कानपुर, जेएनएन। रसूलाबाद में कातिलाना हमले व पथराव में घायल हुए कहिंजरी चौकी प्रभारी व हेड कांस्टेबल को गांव के एक समाजसेवी अपनी कार से पहले सीएचसी शिवली ले गए और वहां से महज 35 मिनट में रीजेंसी अस्पताल लाकर भर्ती कराया। सूचना पर एडीजी जोन भानु भास्कर व डीआइजी डॉ. प्रीङ्क्षतदर ङ्क्षसह भी अस्पताल पहुंचे। एडीजी ने कानपुर देहात एसपी को आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए।
गांव के समाजसेवी मटल्लू यादव ने बताया कि गांव में झगड़ा होने की सूचना पर जब वह पहुंचे तो पता लगा कि रफीक व उसके परिवार ने दारोगा गजेंद्र पाल ङ्क्षसह व हेड कांस्टेबल समर ङ्क्षसह पर हमला कर दिया है। गांव वाले उन्हें लेकर चौकी गए हैं। इस पर तुरंत वह चौकी पहुंचे और सिपाहियों के साथ दोनों को तुरंत सीएचसी शिवली लाए। रास्ते में सीओ रामशरण ङ्क्षसह का फोन आया।
सीओ के निर्देश पर तुरंत दारोगा व हेड कांस्टेबल को प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर लाए। उन्होंने बताया कि 55 किमी का सफर उनके चालक राहुल ने महज 35 मिनट में तय किया। रीजेंसी अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत दोनों का उपचार शुरू किया। डीआइजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि दारोगा की हालत गंभीर है। उनके सिर पर गहरी चोट है और कंधा भी टूट गया है। वहीं हेड कांस्टेबल का भी सिर फट गया है। दोनों जवानों की हालत स्थिर है।
