पहलगाम का मास्टरमाइंड ढेर, कानपुर में ऐशन्या बोलीं- सेना ने मूसा को मार शुभम की आत्मा का किया तर्पण
पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड मूसा को सेना ने ढेर कर दिया है, जिससे कानपुर में शहीद शुभम द्विवेदी के ...और पढ़ें

ससुर और सास पास बैठीं एशान्या। जागरण
HighLights
मूसा, पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड, भारतीय सेना द्वारा ढेर
कानपुर में शहीद शुभम द्विवेदी के परिवार को मिली आत्मिक शांति
पत्नी ऐशन्या ने कहा सेना ने शुभम की आत्मा का तर्पण किया
शैलेंद्र त्रिपाठी, कानपुर। पहलगाम आतंकी हमले के मास्टर माइंड मूसा को भारतीय सेना द्वारा ढ़ेर कर दिए जाने की सूचना जैसे ही बुधवार सुबह घटना में दिवंगत हुए शुभम द्विवेदी की पत्नी एशान्या के कानो में पड़ी तो वो भागकर कमरे में गईं। वहां शुभम की फोटो से लिपटकर एशान्या यादों के समंदर में भावुक होकर बिलख पड़ी। मानों वो पति को पितृ पक्ष में अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दे रही हों।
शुभम के माता - पिता व चाचा भी इकलौते बेटे को यादकर अपने आंसुओं को रोक न सके। पत्नी एशान्या ने कहा सेना ने सनातन धर्म के पवित्र पितृ पक्ष में आतंकी घटना के मास्टर माइंड मूसा को ढ़ेर कर सच्चे अर्थों में शुभम की आत्मा का तर्पण किया है। आज शुभम की आत्मा जहां कहीं भी होगी बहुत शांति मिली होगी।
पिता संजय द्विवेदी ने कहा जवान बेटे को खोने के बाद आज कलेजे को ठंडक मिली है।सेना के शौर्य को उन्होंने सराहा। साथ ही सरकार की आपरेशन सिंदूर जारी रहने को लेकर लगातार की जा रही प्रतिबद्धता को उन्होंने नमन किया।
महाराजपुर के हाथीपुर के रघुवीर नगर निवासी सीमेंट कारोबारी शुभम द्विवेदी 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले में दिवंगत हो गए थे। पत्नी एशान्या के सामने आतंकियों ने धर्म पूछकर शुभम समेत 26 निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी।
आतंकी घटना का मास्टर माइंड मूसा के मारे जाने की खबर बुधवार सुबह जब एशान्या को मिली तो वो भावुक हो गईं और सबसे पहले पिता संजय को सूचना दी। एशान्या ने बताया पितृ पक्ष में मूसा को ढेर कर सेना ने शुभम समेत घटना में मारे गए सभी 26 निर्दोष लोगों का तर्पण कर दिया है।
पीड़ित सभी 26 परिवारों को शांति मिली है।उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने जो कहा था कि ' नो टालरेंस अगेस्ट टेररिज्म' वो करके दिखाया। आपरेशन सिंदूर जारी रहने की जो प्रतिबद्धता दोहराई थी वो सच साबित हुई। घटना के बाद हुई जांच में मूसा के मास्टर माइंड होने की जानकारी सामने आ गई थी। लेकिन तब से अब तक मूसा कश्मीर में आतंक को पोषित करता रहा। आखिर किसके संरक्षण में। कश्मीर में जो लोग आतंकियों को संरक्षण दे रहे हैं उनको भी चिन्हित कर सरकार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।
पिता संजय द्विवेदी बोले इकलौते बेटे के गम में बस जी रहे हैं। आज एक पिता के कलेजे को ठंडक पहुंची है। देशद्रोही देश में ही गद्दारों के संरक्षण में छिपकर आतंकी घटनाओं को अंजाम देते हैं। कश्मीर में जो भी राष्ट्र विरोधी तत्व हैं उनको सेना व सरकार समाप्त करे। चाचा मनोज द्विवेदी ने कहा बेटे शुभम के गुनहगार के मारे जाने के बाद बहुत आत्मिक सुकून व शांति मिली है।
