कानपुर[जागरण स्पेशल]। वाहनों से निकलना वाला धुआं पर्यावरण के लिए खतरा नहीं बन सकेगा। धुएं में शामिल पार्टिकुलेट मैटर पाउडर बनकर वाहन में रह जाएगा और काले की बजाय सफेद धुआं बाहर निकलेगा। आइआइटी में वायु प्रदूषण की अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में आए पाई ग्रीन टच सोल्यूशन के सीईओ इरफान पठान ने कार्बन कटर मशीन बनाई है जो वाहन से निकलने वाले धुएं को पाउडर बना डिब्बे में बंद कर देती है।

आईआईटी में हुआ परीक्षण

45 मिनट तक किए गए वाहन परीक्षण में उन्होंने तीन हजार सिगरेट के बराबर धुएं को छानकर 25.8 ग्राम पाउडर मशीन में एकत्रित किया। यह हर प्रकार के वाहनों पर काम करती है। यहां तक खराब इंजन व मिलावटी ईंधन से निकलने वाला धुआं भी मशीन के अंदर पाउडर के रूप में एकत्र हो जाता है। धुएं के साथ निकलने वाली कार्बन डाई ऑक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोज ऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसें बाहर नहीं आएंगी। नतीजतन, वायु प्रदूषण से काफी हद तक निजात मिल जाएगी।

वाहन के एग्जॉस्ट में लगेगी कार्बन कटर मशीन

पुणे से आए इरफान पठान ने बताया कि कार्बन कटर मशीन को वाहन के एग्जॉस्ट में लगाया जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें कोई फिल्टर नहीं लगाया गया है। मेटल से निर्मित मशीन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि जो काले धुएं को ठोस अथवा पाउडर में बदल देता है। परिणामस्वरूप वह बाहर नहीं निकल पाता है। उन्होंने इसी तर्ज पर एंटी पॉल्यूशन टॉवर बनाए हैं जिसे उन स्थानों पर रख सकते हैं जहां ट्रैफिक अधिक होता है। यह वाहनों से निकलने वाले धुएं को सोखकर उसे पाउडर बना एकत्र करता रहता है। इन उपकरणों से 90 फीसद से अधिक धुएं को अवशोषित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बनारस में वह जल्द ही एंटी पॉल्यूशन टॉवर लगाने जा रहे हैं। इसके बाद प्रदेश के दूसरे शहरों में लगाए जाने की योजना है।

Posted By: Abhishek

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