साइबर ठगी का नया तरीका, मैसेज आया न काल; खाते से पार हो गए 1.60 लाख
कानपुर में साइबर ठगों ने दो अलग-अलग घटनाओं को अंजाम दिया। बाबूपुरवा में एक निजी कर्मी के खाते से 1.60 लाख रुपये निकाल लिए गए, जिसका पता उन्हें पासबुक अपडेट कराने पर चला। वहीं, नौबस्ता में एक युवती को क्रेडिट कार्ड पर हेल्थ इंश्योरेंस के बहाने फंसाकर उसके खाते से 87 हजार रुपये हड़प लिए गए। ठगों ने लिंक भेजकर युवती का फोन हैक कर लिया और ऑनलाइन शॉपिंग की। दोनों मामलों में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है।

जागरण संवाददाता, कानपुर। बाबूपुरवा में साइबर ठगों ने प्राइवेट कर्मी के खाते से 1.60 लाख रुपये पार कर दिए। चार माह बाद पासबुक अपडेट कराने बैंक पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। शिकायतकर्ता अमित के अनुसार, उनका आइसीआइसीआइ बैंक किदवईनगर शाखा में बैंक खाता है।
हाल ही में उन्होंने पासबुक अपडेट कराया तो पता चला कि 23 दिसंबर 2024 से 16 फरवरी 2025 के बीच खाते से कई बार में एक लाख 60 हजार रुपये आनलाइन निकाले गए। न तो उनके मोबाइल पर कोई मैसेज आया और न ही किसी लिंक को क्लिक करने का दावा किया। ओटीपी भी किसी से साझा नहीं की।
बाबूपुरवा थाना प्रभारी अरूण कुमार द्विवेदी ने बताया कि साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
हेल्थ इंश्योरेंस का झांसा देकर हड़पे 87 हजार
नौबस्ता में क्रेडिट कार्ड में हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा शुरू करने का झांसा देकर साइबर ठगों ने युवती के खाते से 87 हजार रुपये हड़प लिए। हेल्थ पैक हटाने के नाम पर ठगों ने एक लिंक के जरिए युवती का फोन भी हैक कर लिया और आनलाइन शापिंग की। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने नौबस्ता थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
आवास विकास हंसपुरम निवासी शिवांगी गुप्ता के अनुसार अप्रैल में एक एजेंट के जरिए क्रेडिट कार्ड लिया था। एक सप्ताह बाद अनजान नंबर से काल आई। फोन करने वाले ने क्रेडिट कार्ड में हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा एक्टिवेट कराने की बात कही। बताया कि इसके लिए साल में उन्हें 1400 रुपये देने होंगे।
उनके इन्कार करने पर सुविधा को डिएक्टिवेट करने के लिए मोबाइल पर लिंक भेजा, जिसे क्लिक करते ही उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। फोन से एक अनजान नंबर पर मैसेज जाने लगे। जब तक उन्हें कुछ समझ आता साइबर ठग खाते से 87 हजार रुपये निकाल चुके थे।
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