IIT Kanpur में शुरू हो रहे दो नए पाठ्यक्रम, देश का पहला संस्थान जहां होगी Statics and Data Science की पढ़ाई
कानपुर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में नए पाठ्यक्रम स्नातक व स्नातक-स्नातकोत्तर की दोहरी डिग्री के लिए 2021 से शुरू होगा। इस पाठ्यक्रम में जेईई एडवांस की मेरिट के आधार पर छात्र व छात्राओंं को दाखिला मिल सकेगा ।

कानपुर, जेएनएन। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर देश का पहला ऐसा संस्थान होगा, जहां छात्र-छात्राएं 'सांख्यिकी व डाटा विज्ञान' की पढ़ाई कर सकेंगे। नए सत्र से संस्थान में स्नातक के छात्रों के लिए चार वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू होगा। अगर छात्र स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त करना चाहता है तो उसे एक साल और पढ़ाई करनी होगी। पांच वर्ष में उसे स्नातक-स्नातकोत्तर की दोहरी डिग्री मिलेगी। सत्र 2021-22 से इस कोर्स में प्रवेश प्रारंभ होंगे। जेईई एडवांस की मेरिट के आधार पर इस कोर्स में दाखिला मिलेगा। आइआइटी के गणित व सांख्यिकी विभाग ने यह कोर्स डिजाइन किया है।
स्नातक कोर्स को बैचलर ऑफ साइंस (बीएस) व स्नातक-स्नातकोत्तर कोर्स को 'बीएसएम' नाम दिया गया है। इस कोर्स में सांख्यिकी को आधार बनाकर डाटा साइंस विषय पढ़ाया। साथ ही कंप्यूटर साइंस से संबंधित कोर्स को भी इस पाठ्यक्रम में शामिल होगा। इसमें छात्र मौलिक सांख्यिकी, गणितीय कंप्यूटेशनल और डाटा विज्ञान विषयों का अध्ययन सकेंगे। यूएस, यूके और जर्मनी जैसे देशों में डाटा विज्ञान में अनुसंधान चल रहा है। यह एक ऐसा विज्ञान है जो बड़ी से बड़ी गणनाओं को पल भर में हल कर सकता है।
इस विज्ञान का प्रयोग तकनीकी, विज्ञान, मौसम कृषि, परिवहन व ऊर्जा समेत अन्य क्षेत्रों में किया जा सकता है। गणित और सांख्यिकी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर शलभ ने बताया कि यह कोर्स डेटा के अध्ययन और विश्लेषण में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए तैयार किया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. अमित मित्रा ने बताया कि यह देश का पहला आइआइटी है जहां ऐसा कोर्स शुरू किया जा रहा है। यह कोर्स बड़े डाटा विश्लेषण करने के लिए छात्रों को तैयार करेंगे।
गणितीय मॉडल तैयार करना होगा आसान
डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस व मशीन लर्निंग जैसे विषयों का इस्तेमाल करके नई तकनीक व मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। आने वाले समय में डेटा विज्ञान के जरिए गणितीय मॉडल तैयार करना आसान होगा। डेटा विज्ञान के जरिए स्वास्थ्य, बायोमेडिसिन, जैव सूचना विज्ञान, डिजिटल स्वास्थ्य, भूकंप, बैंकिंग और वित्तीय समेत विभिन्न क्षेत्रों में डेटा इमेज प्रोसेसिंग की जा सकती है।
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