Navratri Special 2026: कानपुर में नवरात्र में मां के अद्भुत स्वरूप, कहीं दर्पण में दर्शन तो कहीं भक्तों को मिलता है खजाना
कानपुर में नवरात्र के दौरान देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है, जहां कई अनोखी परंपराएं देखने को ...और पढ़ें

मां तपेश्वरी देवी, मां जंगली देवी और मां चंद्रिका देवी मंदिर। जागरण
HighLights
जंगली देवी मंदिर में भक्तों को बांटा जाता है 'खजाना'
चंडिका देवी मंदिर में दर्पण में होते हैं मां के अद्भुत दर्शन
कई मंदिरों में दशकों से अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित है
जागरण संवाददाता, कानपुर। नवरात्र रविवार से शुरू हो गए हैं। देवी मंदिरों में भक्तों की लाइनें लगी हैं। मां के भक्तों के लिए दिल्ली में खजाना तैयार हो रहा है। यह खजाना तिजोरी में रखने से घर, फैक्ट्री या दुकान में कभी आर्थिक कमी नहीं होती है। शहर में एक मंदिर ऐसा है जहां भक्त दर्पण में मां का रूप निहार रहे हैं। वहीं 1976 से अनवरत प्रज्ज्वलित ज्योति के दर्शन करने भी भक्त पहुंच रहे हैं।
किदवई नगर के जंगली देवी मंदिर में षष्ठी के दिन खजाना बांटा जाता है। मान्यता है कि इसे घर की तिजोरी, फैक्ट्री, प्रतिष्ठान की गुल्लक में रखने पर धन की कमी नहीं होती है। पुजारी पं. विजय त्रिपाठी ने बताया कि 10 हजार लोगों को बांटने के लिए दिल्ली में खजाना तैयार हो रहा है। भक्तों को डिब्बी में पैक सिक्का होता है।
इनमें एक तरफ मां की मूर्ति और दूसरी तरफ ट्रस्ट का नाम लिखा होता है। वैभव माता मंदिर में भी खजाना बांटा जाता है। देवनगर के करीब दो सौ वर्ष पुराने मां चंडिका देवी मंदिर में भक्त दर्पण में मां के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर के गर्भगृह में दर्पण लगा है।
दर्पण में मां के दर्शन करने पर उनका शीश हल्का झुका दिखता है। मान्यता है कि अष्टमी पूजन के समय मां का शीश कुछ समय के लिए सीधा दिखता है। पं. शिवमंगल पुजारी ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह में ही एक कमल के पत्ते पर दीप जलता है। यह 83 वर्ष से जल रहा है।
बिरहाना रोड के तपेश्वरी देवी मंदिर में रविवार सुबह से एक साथ पांच सौ दिये जलाए गए हैं। यह दिये रानवमी तक अनवरत जलते रहेंगे। मंदिर के पुजारी पं. शिवमंगल ने बताया कि निरंतर मंदिर में दिये जलाने के लिए मंदिर प्रबंधन की तरफ से 12-12 घंटे के अंतराल में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है।
गोविंद नगर के दुर्गा मंदिर में भक्त 25 मई 1976 से अनवरत प्रज्ज्वलित ज्योति के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। मंदिर प्रबंधन से जुड़े श्याम मूलचंदानी ने बताया कि अखंड ज्योति अनवरत प्रज्ज्वलित रहे, इसके लिए सात-सात घंटे की शिफ्ट में कर्मचारी लगाए जाते हैं। मान्यता है कि ज्योति के दर्शन करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है।
