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कानपुर (जेएनएन)। गोकशी के विरोध में औरैया के बिधूना कस्बे में देर रात अज्ञात लोगों ने मंदिर परिसर में सो रहे दो साधुओं की गला रेतकर हत्या कर दी। जबकि एक को मरणासन्न कर दिया उसे गंभीर हालत में इटावा के सैफई मेडिकल भेजा गया है। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने बिधूना-इटावा मार्ग जाम कर सीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने हटाना चाहा तो पथराव और आगजनी शुरू कर दी। इसमें दो सिपाही घायल हो गए। जवाब में भीड़ को तितरबितर करने और काबू पाने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की और आंसू गैस के गोले दागे। भीड़ ने कस्बे की कई दुकानों में आग लगा दी और लूटपाट की। देर शाम मृतक के भाई राम किशन की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मामले में एसपी नागेश्वर सिंह ने बिधूना थाने के एक इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्र और सिपाही मो. इस्लाम और विमलेश यादव को निलंबित कर दिया।  

आरोपियों को पकड़वाया 

कुदरकोट में भयानक नाथ शिव मंदिर में लज्जा राम (65)निवासी बांजरहाट थाना एरवाकटरा औरैया और हरीराम (50) निवासी खितौरा थाना भरथना इटावा और राम शरण (60) निवासी बीबीपुर बिधूना कुदरकोट मंदिर में रहकर उसकी देख भाल करते थे। करीब डेढ साल से रह रहे लज्जा राम क्षेत्र में गोकशी का विरोध करते थे, कई बार थाने में तहरीर भी दी और आरोपियों को पकड़वाया भी। मंगलवार रात आरती के बाद तीनों मंदिर परिसर के बरामदे में सो रहे थे। बुधवार सुबह करीब 6 बजे मंदिर के पुज़ारी  राम कुमार पूजा के लिए पहुंचे तो तीनों खून से लथफथ थे। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सबसे पहले राम शरण को अस्पताल भिजवाया। ग्रामीण आरोपियों ने तुरंत गिरफ्तारी की मांग और सीएम के आने पर शव उठने की बात को लेकर उग्र हो गए। लोगों का आक्रोश देख मौके पर आससास के थानों की फोर्स बुला ली गई। इस बीच ग्रामीणों ने पथराव, फायरिंग और आगजनी कर दुकानों में लूटपाट भी की। हालात बिगड़ते देख जिलाधिकारी श्रीकांत मिश्र और एसपी नागेश्वर सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। 

जमीनी विवाद के साथ गोकशी

दोपहर बाद मौके पर पहुंचे आइजी आलोक सिंह ने बताया कि हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा। लूटपाट, जमीनी विवाद के साथ गोकशी के बिंदु पर जांच चल रही है। घटना को लेकर लोगों में असंतोष है। हत्यारों की तलाश में 8 टीम लगाई गई है। मामले में लापरवाही पाए जाने पर दो सिपाही और एक इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी श्री कांत मिश्र का कहना है कि कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया गया है। पुलिस की टीम काम कर रही है। गोकशी रोकने को स्?पेशल टीम बनाई जा रही है। शीघ्र की आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा। 

फॉरेंसिंक टीम ने जुटाए साक्ष्य 

करीब 12 बजे फॉरेंसिक टीम और डाग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया। दोनों टीमों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद कुछ अहम साक्ष्य जुटाए। पुलिस के मुताबिक आला कत्ल बरामद नहीं हो पाया है। कई फिंगर प्रिंट मिले हैं इससे आशंका है कि वारदात में छह से सात लोग शामिल हैं। पहले सो रहे साधुओं को चादर से चारपाई में बांधा गया है उसके बाद गला रेत कर हत्या कर दी गई है। लज्जाराम की जीभ भी काट दी है। गौरतलब है कि लज्जाराम की गोकशों के खिलाफ अभियान छेड़े थे। मंदिर के पीछे के टीले से टीम को जानवरों की कटने के निशान और हडडियां मिली हैं। 

तुरंत गिरफ्तारी न होने पर भड़के लोग

तुरन्त गिरफ्तारी न होने से लोग भड़क गए और तोड़ फोड़ शुरू कर दिया। कई दुकानों में आग लगा दी गई। पुलिस के वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया गया है। हंगामा बढ़ता देख इटावा, कानपुर देहात और कानपुर से भी पुलिस फोर्स बुलाई गई। पुलिस ने बल प्रयोग किया तो भीड़ की ओर से कई राउंड फायरिंग भी की गई। भय से लोग परिवार के साथ घरों में कैद। पीएसी के जवानों ने भीड़ को काबू में किया। 

रात में दो को किया था गिरफ्तार 

परिजनों का आरोप है कि दो दिन पूर्व गोकशों ने लज्जाराम को जान से मारने की दी थी। उसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी कराया था। मंगलवार की रात चौकी इंचार्ज अंकित शर्मा ने ताबड़तोड़ कई स्थानों पर छापे मारे और दो लोगों को तीन गाय, दो बछिया और एक सांड और धारदार हथियारों के साथ पकड़ा है। आरोपित तौफीक और शहनवाज के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

पुरातन काल का मंदिर 

किले रूपी भयानाथ मंदिर के निर्माण के बारे में किसी को भी ठीक से पता नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार मंदिर पुरातन काल है। इसे रुक्मणी कि पिता राजा भीष्मक ने बनवाया था। आसपास कई मंदिर हैं। मंदिर के पीछे की बस्ती में मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं। मंदिर के ठीक पीछे का इलाका सुनसान होने के कारण कई बार यहां गोतस्कर पकड़े गए हैं।

सीएम योगी ने जताया दुःख, पांच-पांच लाख की सहायता

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औरैया जिले की बिधूना कोतवाली में हुई दो पुजारियों की हत्या पर दुख जताया है। उन्होंने पुजारियों के परिवारीजनों को पांच-जांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की। घटना में घायल पुजारी को एक लाख रुपए की सहायता देने के निर्देश हैं। उल्लेखनीय है कि गला रेतकर पुजारियों की निर्मम हत्या के बाद भीषण तनाव है। पुलिस ने भीड़ को हटाना चाहा तो पथराव और आगजनी शुरू हो गई। दो सिपाही घायल हो गए हैं। भीड़ को काबू पाने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की और आंसू गैस के गोले दागे।

कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने घटना को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ओपी सिंह व प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार को 48 घंटे के भीतर दोषियों का पता लगाकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे किसी कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेगी। ऐसे आपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि औरैया के बिधूना क्षेत्र में स्थित एक मंदिर में सो रहे तीन पुजारियों पर रात अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। हमलावरों ने दो पुजारियों की हत्या कर दी जबकि एक पुजारी गंभीर रूप से घायल है।

 

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