सैनिकों की थाली में शामिल होगा श्रीअन्न, कानपुर के विशेषज्ञ बताएंगे महत्व
सेना के अधिकारियों ने सैनिकों की थाली में मोटे अनाज (श्रीअन्न) को शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। ...और पढ़ें

HighLights
सैनिकों के भोजन में मोटे अनाज (श्रीअन्न) शामिल करने की तैयारी
कानपुर के कृषि विशेषज्ञ सैनिकों को श्रीअन्न के गुण बताएंगे
सेमिनार और प्रदर्शनी से सैनिकों को जागरूक किया जाएगा
जागरण संवाददाता, कानपुर। सैनिकों की सेहत को मजबूत बनाने के लिए अब उनकी थाली में मोटे अनाज यानी श्रीअन्न को शामिल करने की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से सैनिकों के भोजन में मोटे अनाज को शामिल करने के निर्देश के बाद सेना के अधिकारियों ने कृषि विशेषज्ञों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के शोध निदेशक डा. महक सिंह से बीते दिनों सैन्य अधिकारियों ने संपर्क किया है। विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ सैनिकों को श्रीअन्न के पोषण महत्व और उपयोगिता के प्रति जागरूक करेंगे। इसके लिए सेमिनार और प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसकी शुरुआत जल्द ही कानपुर से होगी।
सीएसए के शोध निदेशक डा. महक सिंह ने बताया कि सैनिकों की थाली में मोटे अनाज की पहुंच बढ़ाने के लिए कृषि विशेषज्ञ सहयोग करेंगे। सेमिनार में उन्हें अलग-अलग मोटे अनाजों के पोषक तत्वों और स्वास्थ्य संबंधी उपयोगिता की जानकारी दी जाएगी। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों की ओर से प्रदर्शनी लगाकर ज्वार, बाजरा, रागी, कंगनी, कोदो, कुटकी, सांवा और चीना जैसे अनाजों की खूबियां बताई जाएंगी।
500 से 700 साल पहले खूब होती थी मोटे अनाज की खेती
डा. महक सिंह ने बताया कि लंबे समय से देश में मोटे अनाज की खेती बड़े पैमाने पर होती आ रही है। हालांकि, किसानों को इन फसलों का बेहतर मूल्य नहीं मिल पाता था और इनके पोषण महत्व को लेकर भी जागरूकता कम थी। धीरे-धीरे किसानों ने इनकी खेती कम कर दी। उन्होंने बताया कि पोषक तत्वों की प्रचुरता के कारण इन्हें सुपरफूड भी कहा जाता है। अब किसानों के बीच इनकी खेती को लेकर रुचि बढ़ रही है। डा. सिंह के अनुसार, मोटे अनाज का नियमित सेवन आमजन को बेहतर पोषण देने में मददगार हो सकता है।
अलग-अलग अनाजों में पोषक तत्वों की भरमार
| अनाज | प्रमुख पोषक तत्व और उपयोगिता |
|---|---|
| ज्वार | ऊर्जा और फाइबर का प्रमुख स्रोत। |
| बाजरा | आयरन, जिंक और फोलिक एसिड से भरपूर। |
| रागी | कैल्शियम का समृद्ध प्राकृतिक पादप स्रोत। |
| कंगनी | विटामिन बी-1 का स्रोत, तंत्रिका तंत्र के लिए उपयोगी। |
| कोदो | एंटीऑक्सीडेंट और पॉलीफेनॉल से भरपूर। |
| कुटकी | मैग्नीशियम और फास्फोरस का अच्छा स्रोत। |
| सांवा | सुपाच्य फाइबर और आयरन की अच्छी मात्रा। |
| चीना | प्रोटीन और खनिज तत्वों से युक्त। |
स्रोत : चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए)
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