विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उपचुनाव में बसपा की करारी हार के बाद एक्शन में मायावती, 16 माह में छठवीं बार बदले गए जिलाध्यक्ष

Published: Mon, 23 Dec 2024 11:53 AM (IST)

UP Politics सीसामऊ उपचुनाव में बसपा का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। इसके बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने कार्रवाई करते हुए ...और पढ़ें

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (फाइल फोटो)
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (फाइल फोटो)

HighLights

  1. बसपा ने 16 माह में छठवीं बार बदला जिलाध्यक्ष
  2. सीसामऊ उपचुनाव में हार के बाद 10 माह में छिनी कुर्सी
  3. विधानसभा में बसपा समय पर नहीं खोल सकी थी कार्यालय

जागरण संवाददाता, कानपुर। सीसामऊ उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। उपचुनाव की समीक्षा के साथ ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने कार्रवाई शुरू कर दी है। रविवार को बसपा सुप्रीमो ने जिलाध्यक्ष राजकुमार कप्तान को हटा दिया, उनके स्थान पर जयप्रकाश गौतम को दोबारा जिलाध्यक्ष बनाया गया है। बीते 16 माह में बसपा ने छठवीं बार जिलाध्यक्ष बदला है।

सीसामऊ उपचुनाव में जातीय समीकरण को साधते हुए वीरेंद्र शुक्ल को प्रत्याशी बनाया था। विधानसभा में 40 से अधिक मलिन बस्तियों के मतदाताओं के भरोसे जीत का सपना देखने वाली बसपा की उम्मीदों में पानी फिर गया। बसपा प्रत्याशी अपनी जमानत भी नहीं बचा सके थे, उन्हें मात्र 1327 वोट मिले थे। इसके बाद संगठन में बदलाव करने की मांग उठने लगी थी।

बसपा ने चुनाव से लगभग 10 माह पहले राजकुमार कप्तान को जिलाध्यक्ष बनाया था। बसपा इस उपचुनाव में अपना काडर वोट भी हासिल नहीं कर सकी थी। जिसके बाद रविवार को बसपा सुप्रीमो ने जिलाध्यक्ष राजकुमार कप्तान को हटाकर जयप्रकाश गौतम जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले भी उनको तीन माह के लिए जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी।

16 माह में ऐसे चला जिलाध्यक्ष बदलने का सिलसिला

वर्ष 2023 में जिलाध्यक्ष रामेश्वर चौधरी को बसपा ने हटाया था, उनके स्थान पर मौजूदा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश गौतम को कुर्सी सौंपी गई थी। हालांकि तीन माह बाद अक्टूबर 2023 में जयप्रकाश को जिलाध्यक्ष पद से हटाकर बीपी अंबेडकर को जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई। पदभार संभालते ही संगठन का काम शुरू करने के महज 16 दिन बाद तीन नवंबर 2023 में बीपी अंबेडकर को भी हटाकर रामशंकर कुरील पर भरोसा जताया, लेकिन दो माह बाद उन्हें हटा दिया गया।

फरवरी 2024 में राजकुमार कप्तान को जिलाध्यक्ष बनाया गया। लगभग 10 माह के कार्यकाल और सीसामऊ उपचुनाव में हार के बाद बसपा सुप्रीमो ने उन्हें हटाने की कार्रवाई की है। वहीं इस मामले में बसपा मंडल इंचार्ज शमशुद्दीन राईन से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने मोबाइल काल नहीं उठाई।

कार्यकर्ताओं ने नए जिलाध्यक्ष का किया स्वागत

जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद जयप्रकाश गौतम ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ नवीन मार्केट कार्यालय में बैठक की। कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि बसपा के काडर वोट को फिर से जोड़ने के लिए वह प्रयास करेंगे। इस दौरान मंडल प्रभारी प्रवेश कुरील, अनिल पाल, बीपी अंबेडकर, रामशंकर कुरील, रामनारायण निषाद, पंकज जगत मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें: UPPSC परीक्षा में यूपी ही गायब, पूछे गए पंक्चर बनाने से संबंधित प्रश्न; इन टॉपिक्स पर रहा फोकस