कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेस-वे का आनंद लेने के लिए हो जाएं तैयार, दीपावली से दौड़ने लगेंगी गाड़ियां
लखनऊ और कानपुर के बीच 62.7 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का पहला चरण पूरा हो गया है जो दीपावली तक जनता के लिए खुल जाएगा। इस परियोजना से दोनों शहरों के बीच की दूरी 35-45 मिनट में तय की जा सकेगी। एक्सप्रेसवे में यात्रियों की सुविधा के लिए रेस्ट एरिया अस्पताल और एंबुलेंस की सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी।

जागरण संवाददाता, कानपुर: राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर के बीच सफर अब तेज और आरामदायक होने जा रहा है। 62.7 किलोमीटर लंबा लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे का पहला चरण पूरा हो गया। इस साल दीपावली तक यह एक्सप्रेसवे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
उन्नाव से बंथना तक 45 किमी एक्सप्रेसवे में निर्माण कार्य खत्म कर दिया गया है। एनएचएआई के क्षेत्रीय परियोजना निदेशक ने बताया कि 30 नंबर तक एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
करीब 4700 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह परियोजनासे उन्नाव के आजाद चौराहा से लखनऊ के शहीद पथ जाएगी। इसे दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले चरण में 17.5 किमी एलीवेटेड रोड सैनिक स्कूल से बनी मोड़ तक है, जबकि दूसरा चरण 45.2 किमी ग्रीनफील्ड रूट बंथरा से आजाद चौराहे तक है।
मौजूदा समय में बंथरा से शहीद पथ तक 18 किमी लंबे एलीवेटेड निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि उन्नाव से बंथरा तक 45 किमी लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य खत्म करने की घोषणा कर दी गई है। उन्नाव में शुक्लागंज बाईपास के टोल गेट बना दिए गए हैं। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे को डिवाइडर रखकर बंद रखा गया है,लेकिन इसके बाद भी कुछ वाहन इस एक्सप्रेसवे से निकलना भी शुरू कर दिया है।
100 से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगें वाहन
इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 100 से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगें। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि जहां अब तक कानपुर–लखनऊ का सफर तीन से चार घंटे में पूरा होता है, वहीं एक्सप्रेसवे से यह दूरी महज 35 से 45 मिनट में तय होगी।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए तीन रेस्ट एरिया बनाए गए हैं। जिसमें अडेरवा (नेवरना), पड़री खुर्द और उन्नाव क्षेत्र में हैं। इसके साथ ही इस एक्सप्रेसवे में 10 बेड का अस्पताल, ट्रामा सेंटर और एंबुलेंस की सुविधा होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही इस एक्सप्रेसवे पर शराब की दुकानें नहीं होने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
पांच टोल प्लाजा बनाए गए
इस मार्ग पर पांच टोल प्लाजा बनाए जा रहे हैं। जिसमें लखनऊ के मीरनपुर पिनवट, खंडेदेव, बनी, और उन्नाव के लालगंज (अमरसास गांव) और प्रवेश द्वारा शुक्लागंज बाईपास के पास आजाद चौराहे पर बनाया गया है। एक्सप्रेसवे में प्रवेश और निकास के लिए कुल छह स्थानों पर रैंप तैयार किए गए हैं।
राेजगार ग्राके मीण क्षेत्रों में बढ़ेंगे अवसर
इस परियोजना में भूमि अधिग्रहण करके किसानों को 800 करोड़ रुपये मुआवजा वितरित किया गया है। यह परियोजना लखनऊ और उन्नाव के 42 गांवों से होकर गुजर रही है, जिसका सीधा फायदा स्थानीय लोगों को मिलेंगा। अधिकारियों का कहना है कि यह एक्सप्रेसवे केवल सड़क नहीं, बल्कि एक आर्थिक कारिडोर साबित होगा।
इससे दोनों शहरों के बीच व्यापार, उद्योग, शिक्षा और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। परियोजना से कानपुर और लखनऊ की रिंग रोड, आगरा एक्सप्रेसवे व अन्य हाईवे भी सीधे जुड़ जाएंगे। एक्सप्रेसवे का उद्घाटन की तैयारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराने की है। इसके अगले ही दिन से टोल संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा।
लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे का विवरण
लंबाई : 62.7 किमी (18 किमी एलीवेटेड 45 किमी ग्रीनफील्ड)
लागत : 4700 करोड़
लेन : 6 (भविष्य में 8 लेन तक विस्तार)
शुरुआत : आजाद चौराहा, उन्नाव शुक्लागंज बाईपास
अंतिम छोर :शहीद पथ, लखनऊ
निर्माण एजेंसी : एनएचएआई
पूरा होने की अवधि : 30 नवंबर 2025
वर्तमान प्रगति : 92 प्रतिशत
यह मिलेगी राहत
सफर का समय : 3–4 घंटे से घटकर 35–45 मिनट
अधिकतम गति सीमा : 100–125 किमी/घंटा
टोल प्लाजा :
- मीरनपुर पिनवट
- खंडेदेव
- बनी
- उन्नाव–लालगंज (अमरसास)
- आजाद नगर उन्नाव शुक्लागंज बाईपास
रेस्ट एरिया : अडेरवा (नेवरना), पड़री खुर्द व उन्नाव क्षेत्र
10 बेड अस्पताल
ट्रामा सेंटर
एंबुलेंस सुविधा
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे में उन्नाव से बंथरा का पैकेज निर्माण खत्म हो चुका है। लखनऊ में एलीवेटेड एक्सप्रेसवे का 18 किमी का पार्ट अभी निर्माणाधीन हैं। आगामी 30 नवंबर तक एक्सप्रेसवे का निर्माण खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही शुभारंभ की तारीख तय होगी। - संजीव शर्मा, क्षेत्रीय परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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