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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Love Jihad Case Kanpur: सच साबित हुई आशंका, पुलिस ने ढूंढ निकाला पांच केसों का आपस में कनेक्शन

By Abhishek AgnihotriEdited By:
Published: Fri, 25 Sep 2020 08:16 AM (IST)Updated: Fri, 25 Sep 2020 02:50 PM (IST)

कानपुर में लव जिहाद के शालिनी यादव केस की जांच में जुटी पुलिस के सामने सनसनीखेज जानकारी आई है जूही ...और पढ़ें

कानपुर शहर लव जिहाद का गढ़ बन गया है। प्रतीकात्मक फोटो
कानपुर शहर लव जिहाद का गढ़ बन गया है। प्रतीकात्मक फोटो

कानपुर, जेएनएन। लव जिहाद को लेकर जताई जा रही आशंका सच साबित हुई है। जूही लाल कालोनी से जुड़े पांचों आरोपित दोस्त निकले। मोबाइल सीडीआर से उनकी दोस्ती की पुष्टि हो गई है। हालांकि पुलिस अभी तक उस व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकी है, जिसे शहर में लव जिहाद के मामलों का मास्टर माइंड बताया जा रहा है। 

दूसरे धर्म की लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाया

दैनिक जागरण ने 24 अगस्त के अंक में लव जिहाद का गढ़ बनी जूही लाल कालोनी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस कालोनी के पांच युवकों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से दूसरे धर्म की लड़कियों को अपने प्रेमजाल में फंसाया था, जिसमें शालिनी यादव का प्रकरण खासा चर्चित हुआ। पुलिस इन मामलों को अलग-अलग प्रेम प्रसंग से जोड़कर देख रही थी, लेकिन दैनिक जागरण ने साफ आशंका व्यक्त की थी, इन आरोपितों के आपस में संबंध हैं और योजनाबद्ध तरीके से लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाया है।

मोबाइल सीडीआर ने खोला राज

गौरतलब है कि शालिनी यादव मामले में आरोपित फैसल, कल्याणपुर में दो जुलाई को दर्ज मुकदमे के आरोपित शाहरुख पुत्र कमाल और शाहरुख पुत्र खलील, पनकी में दर्ज मुकदमे के आरोपित मो. मोसिन व आमिर के संबंध लाल जूही कालोनी से निकले थे। एसआइटी के प्रभारी सीओ गोविंदनगर विकास पांडेय ने बताया कि जब पांचों के मोबाइल सीडीआर निकाले गए तो वे एक दूसरे से जुड़े मिले। इनके बीच रोजाना बातचीत के साक्ष्य पुलिस को मिले हैं। इस आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है।

ये प्रेम था या साजिश

अल्पसंख्यक समुदाय के पांच दोस्त और पांचों ने शहर के अलग-अलग स्थानों से दूसरे धर्म की लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाया। यह तथ्य सामने आने के बाद एक बार फिर से सवाल खड़े हो गए हैं कि ये प्रेम है या फिर साजिश। लव जिहाद का मामला उछलने पर पुलिस को आरोपितों के सीडीआर में कुछ संदिग्ध नंबर मिले थे, लेकिन उनकी आगे की कड़ी जोडऩे में अब तक पुलिस नाकाम रही है।