फर्रुखाबाद, जागरण संवाददाता। किशोर की हत्या व उसकी बहन से दुष्कर्म के मुकदमे में गैंगस्टर न्यायालय के विशेष न्यायाधीश राकेश कुमार प्रथम ने पूर्व सैनिक व उसके साथी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दो-दो लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है।

कन्नौज जिले के गुरसहायगंज क्षेत्र के एक ग्रामीण ने 11 जुलाई 1998 को फतेहगढ़ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें उसने बताया था कि उसका रिश्तेदार मोहल्ला हाथीखाना निवासी पूर्व सैनिक सुबोध चंद्र अवस्थी अपनी पत्नी की बीमारी का बहाना बनाकर उसके पुत्र व पुत्री को देखरेख के लिए घर बुला ले गया। कुछ दिन बाद सुबोध चंद्र अवस्थी, उसकी पत्नी माहेश्वरी व साथी बलराम ने लड्डू में जहर देकर उनके पुत्र की हत्या कर दी और पुत्री के साथ दुष्कर्म किया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) तेज सिंह राजपूत व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने सुबोध चंद्र अवस्थी व बलराम को हत्या में आजीवन कारावास व एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जहरीला पदार्थ खिलाने में सात वर्ष की कैद, 50-50 हजार रुपये जुर्माना, दुष्कर्म में आठ वर्ष की कैद व 50-50 रुपये जुर्माने की सजा से भी दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद के आदेश दिए। मुकदमे की तीसरी आरोपित माहेश्वरी की मौत मुकदमा विचारण के दौरान हो गई थी। 

पूर्व सैनिक का यह कृत्य समाज के लिए कलंक

न्यायाधीश ने फैसला सुनाए जाने के दौरान आदेश में हत्या के दोषी पूर्व सैनिक सुबोध चंद्र अवस्थी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सेना से सेवानिवृत्त व्यक्ति के साथ जीवनपर्यंत राष्ट्रीय ध्वज का मान सम्मान जुड़ा होता है। देशवासी उनका सम्मान करते हैं। सुबोध का यह कृत्य समाज के लिए कलंक है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह राजपूत ने बताया कि मुकदमे में 32 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अधिकांश गवाहों ने पूर्व सैनिक के कृत्य को घृणित बताया।

Edited By: Abhishek Verma