इटावा, जेएनएन। हरिद्वार में राजाजी नेशनल पार्क और लखीमपुर खीरी में दुधवा नेशनल पार्क तो नहीं लेकिन वहां जैसा ही लुत्फ उठाना चाहते हैं तो इटावा लॉयन सफारी पहुंच जाइए। यहां खुले में घूम रहे 111 जानवरों को सामने से देख सकते हैं और सारा दिन की पिकनिक का आनंद ले सकते हैं। रविवार को शुभारंभ के बाद सोमवार को पहले दिन चार सौ लोगों ने टिकट लेकर सफारी घूमकर मजा किया। परिवार के साथ आए लोगों ने सफारी की जमकर तारीफ भी की।

कुछ ऐसा है नजारा

पहले दिन डियर व एंटीलोप सफारी में कुलाचें भरते नजर आए हिरन व काला मृग। कई स्थानों पर हिरन अपास में अठखेलियां करते नजर आए। हालांकि पर्यटकों की बस जैसे ही पास आती थी वे चौकन्ने हो जाते थे और तुरंत झाडिय़ों में छिप जाया करते थे। उनकी चालों को देखकर बरबस ही लोगों की निगाहें उन पर टिक जाती थीं। डियर सफारी में इन दिनों बड़ी संख्या में हिरन का कुनवा हैं वहीं काले मृग कई जगह पर धूप सेंकते नजर आए। बारह सिंघा भी अपने प्राकृतिक वास पर शांत स्वभाव में बैठे हुए नजर आए।

सुबह सात बजे से शाम पांच तक खुलता सफारी

सफारी प्रशासन ने सर्दी के मौसम को देखते हुए सुबह सात से पांच तक सफारी खोलने का फैसला लिया है। ईको पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ यह स्पेन के आर्किटेक्ट फ्रेंक विडाल की परिकल्पना पर आधारित है। यहां पर फिलहाल 111 अलग अलग जानवर रखे गए हैं, जो भविष्य में बढ़ाए जाएंगे। इसे पांच हिस्सों में बांटा गया है, इसमें डियर सफारी, एंटीलोप (काला हिरन), बीयर सफारी, लॉयन सफारी और लेपर्ड सफारी प्रमुख हैं। इनमें मौजूदा समय में 17 शेर, 55 काले हिरन, 32 सामान्य हिरन, तीन भालू और चार तेंदुआ हैं। यह सभी वन्यजीव खुले में घूमते रहते हैं। सफारी निदेशक वीके सिंह ने बताया कि एक माह तक सफारी में आने वाले पर्यटकों का चार्ट तैयार किया जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि कितने पर्यटक स्थानीय हैं कितने बाहर के जनपदों से आ रहे हैं।

अलग-अलग रखा गया है शुल्क

भारतीय पर्यटकों के लिए 200 रुपये व छह से 12 साल तक के बच्चों के लिए 50 रुपये का शुल्क रखा गया है। जबकि फोर-डी थियेटर का शुल्क 150 रुपये व बच्चों के लिए 100 रुपये रखा गया है। कॉम्बोपैक सफारी व फोर-डी थियेटर का मिलाकर 300 रुपये व 120 रुपये रखा गया है। विदेशी पर्यटकों के लिए 500 रुपये व बच्चों के लिए 400 रुपये रखा गया है। फोर-डी थियेटर का शुल्क 400 रुपये व 300 रुपये रखा गया है। कॉम्बोपैक 800 रुपये व 600 रुपये रखा गया है। फिलहाल सफारी घुमाने के लिए दो बसें संचालित की जा रही हैं। इसके साथ एक जीप की भी व्यवस्था है। भविष्य में पर्यटकों की संख्या बढऩे के साथ वाहन सुविधा भी बढ़ाई जाएगी।

पर्यटकों की जुबानी सफारी का सफर

ठंडी हवाओं के बीच सफारी पार्क का गेट खुला तो पर्यटकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सफारी के सफर में छत्तीसगढ़ के रायपुर से आए 11 पारिवारिक सदस्यों के साथ पहुंचे प्रवीण जैन बोले- शानदार...लाजवाब। प्राकृतिक वास में वन्यजीवों को इतने करीब से देख बहुत अच्छा लग रहा है। दंपती आरके ङ्क्षसह व माधुरी ङ्क्षसह के साथ आए बच्चे दिव्ययश, अंशू व अक्षत खुले में हिरण देखकर खुशी से चहक उठे। राम प्रकाश जैन फीरोजाबाद से सफारी देखने आए थे। वन्यजीवों को देखने के साथ ही जानकारी करने में मशगूल थे। बोले, यहां सुविधाएं अच्छी हैं। सफारी की सैर में कई पर्यटक मिले जो तारीफ करते नहीं थक रहे थे।

Posted By: Abhishek

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