जलभराव से जूझ रही कानपुर की जनता, महापौर बोलीं- मंडलायुक्त, नगर आयुक्त व केडीए वीसी सो रहे
महापौर प्रमिला पांडेय ने कानपुर में जलभराव और जर्जर सड़कों को लेकर अधिकारियों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि ...और पढ़ें

HighLights
महापौर प्रमिला पांडेय ने जलभराव पर अधिकारियों को घेरा
मकड़ीखेड़ा व पांडुनदी क्षेत्रों में जनता जलभराव से परेशान
अवैध कॉलोनियों में जल निकासी की व्यवस्था नहीं, KDA लापरवाह
जागरण संवाददाता, कानपुर। जलभराव और जर्जर सड़कों को लेकर महापौर प्रमिला पांडेय का एक इंटरनेट मीडिया में वीडियो प्रचलित हुए हुआ है। इसमें नाराजगी जताते हुए कहा कि मकड़ीखेड़ा व पांडुनदी से जुड़े इलाकों में जलभराव के कारण लोगों का रहना मुश्किल हो गया है उनका सामान बह जाता है। महापौर ने कहा कि जनता जूझ रही है। मंडलायुक्त, केडीए उपाध्यक्ष और नगर आयुक्त सो रहे है।
महापौर ने कहा कि अफसरों को जनता का दर्द नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि वह तीन साल से मकड़ीखेड़ा जा रही है हर बार अफसर कहते है कि अब जलभराव नहीं होगा लेकिन इस बार भी पानी भरा है। सड़क से लेकर घरों तक पानी भरा है। अवैध कालोनियां बस रही है। इसमें जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। केडीए को नहीं दिखाई दे रही है। इस बाबत अफसरों ने कोई जवाब नहीं दिया।
सड़कों से हटने लगी बजरी
बारिश के बाद सड़कों पर फैली बजरी राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरनाक बन गई है। इसे देखते हुए महापौर प्रमिला पांडेय के निर्देश पर नगर निगम के अभियंत्रण और स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हुईं। सोमवार को शहर में झाड़ू लगाकर अभियान चलाया गया और करीब दो ट्रक बजरी हटाई गई।
पैचवर्क बहने से सड़कें गड्ढों में तब्दील
बारिश में कच्चा पैचवर्क बहने से सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। पनकी, परमट, स्वरूप नगर और जीटी रोड समेत कई इलाकों में बजरी उखड़ने से धूल उड़ रही है और फिसलन से हादसों का खतरा बना हुआ है।
नगर आयुक्त को दिए निर्देश
महापौर ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि नगर निगम की सड़कों पर बोर्ड लगाए जाएं। इन पर संबंधित अधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज किए जाएं, जिससे जनता को जानकारी मिल सके कि कौन सी सड़क नगर निगम के पास है और कौन सी सड़क किस विभाग की है।
