विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Kanpur में गरमाई राजनीति: चुनाव आयोग पर बयानबाजी को लेकर भाजपा हमलावर, महापौर प्रमिला पांडेय ने Congress को घेरा

Published: Mon, 28 Sep 2026 02:03 PM (IST)

कानपुर में भाजपा नेताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों का पलटवार किया है। महापौर ...और पढ़ें

प्रेसवार्ता करती महापौर प्रमिला पांडेय। जागरण

प्रेसवार्ता करती महापौर प्रमिला पांडेय। जागरण

HighLights

  1. कांग्रेस के निर्वाचन आयोग पर सवालों का भाजपा ने किया खंडन

  2. महापौर प्रमिला पांडेय ने संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर दिया

  3. स्वप्निल वरुण ने आंतरिक प्रशासनिक मामले को राजनीतिक रंग न देने को कहा

जागरण संवददाता कानपुर। निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआइआर) को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा नेताओं ने पलटवार किया है। सोमवार को पत्रकार वार्ता में महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर यदि किसी दल को आपत्ति है तो उसे तथ्यों और उपलब्ध लोकतांत्रिक व न्यायिक मंचों के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना भी सभी दलों की जिम्मेदारी है।

प्रमिला पांडेय ने कहा कि चुनाव में हार-जीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उनके मुताबिक, हार के बाद निर्वाचन आयोग और अन्य संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाने के बजाय राजनीतिक दलों को अपने संगठन और रणनीति की भी समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने 26 सितंबर को निर्वाचन आयोग की ओर से एसआइआर समेत प्रमुख निर्णयों को सर्वसम्मति से लिए जाने संबंधी स्पष्टीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि आरोप लगाने से पहले तथ्यों को सामने रखना जरूरी है।

जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने कांग्रेस की ओर से कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर उठे विवाद पर कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार मामला चुनावी नीति अथवा आइटी प्रभाग से जुड़ा नहीं, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से संबंधित आंतरिक विषय था। उन्होंने कहा कि इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय आयोग की ओर से दी गई जानकारी को भी सामने रखा जाना चाहिए।

उन्होंने फॉर्म-6 को लेकर उठाए गए सवालों का भी जिक्र किया। स्वप्निल वरुण के अनुसार एसआइआर के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया को लेकर आयोग ने अपनी व्यवस्था स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए दूरदराज क्षेत्रों, मजदूरों और बेघर नागरिकों तक पहुंचने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर किसी भी पक्ष को आपत्ति हो तो वह निर्धारित कानूनी और लोकतांत्रिक माध्यमों का इस्तेमाल कर सकता है। वहीं कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों और उनकी ओर से प्रस्तुत तथ्यों पर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों और सक्षम संस्थाओं के निर्णय से ही स्पष्ट होगी। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा भी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें- कानपुर महापौर का अपनी ही पार्टी पर फूटा गुस्सा, बोलीं- अपने बेटों संग काम करते सांसद व विधायक, फिर मेरे बेटे से आपत्ति क्यों?