Kanpur News: शेयर कारोबारी की मौत के साथ डूबे 150 करोड़ रुपये, शहर के 120 लोगों को लगी आर्थिक चोट, परिवार फरार
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्याल में गणित के शिक्षक रहे प्रो. पाल ने बताया कि श्यामनगर साई धाम अपार्टमेंट निवासी लक्ष्मी नारायण शुक्ला एलएनएस मनी मल्टीप्लायर्स नाम से एक कंपनी का संचालन करते थे। वह अपनी कंपनी के लोगों का पैसा शेयर बाजार में लगाते थे।

कानपुर, गौरव दीक्षित। पिछले साल हुए एक बड़े आर्थिक घोटाले ने शहर के 120 लोगों को 150 करोड़ रुपये की चोट दे दी है। लोग डूबी रकम वापस पाने के लिए परेशान हैं। इस कड़ी में सीएसजेएमयू के सेवानिवृत्त प्रोफेसर विजय नारायण पाल ने अन्य पीड़ितों के साथ मिलकर पुलिस आयुक्त बीपी जोगदण्ड और मंडलायुक्त डा.राजशेखर से मुलाकात की। मामले को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
असल में यह कहानी एक शेयर कारोबारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शुरू हुई। कारोबारी की मौत हुई या उन्हें मारा गया, पीड़ित इसकी जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं, एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि वह जिंदा हों।
फिलहाल पुलिस आयुक्त ने जांच का आश्वासन दिया है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्याल में गणित के शिक्षक रहे रामगंगा हाउसिंग कांप्लेक्स जीटी रोड नारामऊ निवासी प्रो. पाल ने बताया कि श्यामनगर साई धाम अपार्टमेंट निवासी लक्ष्मी नारायण शुक्ला एलएनएस मनी मल्टीप्लायर्स नाम से एक कंपनी का संचालन करते थे। वह अपनी कंपनी के मार्फत लोगों का पैसा शेयर बाजार में लगाते थे।
10 अगस्त 2022 को लक्ष्मी नारायण शुक्ला की संदिग्ध परिस्थितियों में कार्यालय में मृत्यु हो गई। आरोप है कि कार्यालय में कर्मचारियों ने एक सड़क हादसे में उनके घायल होने की सूचना दी, जिसके बाद उनकी मृत्यु की सूचना आई। बावजूद इसके पारिवारिक सदस्यों ने उनका पोस्टमार्टम नहीं कराया। अगले दिन आनन-फानन में दाह संस्कार कर दिया गया। मृत्यु के उपरांत होने वाले संस्कार भी नहीं किए गए। यही नहीं उनके पारिवारिक सदस्य भी फरार हो गए।
लैपटाप व अन्य इलेक्ट्रनिक उपकरण से छेड़छाड़ करते हुए आवश्यक दस्तावेज गायब कर दिए गए। ऐसे में उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा आर्थिक घोटाला हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि कानपुर व आसपास के लगभग 800 लोगों ने अपनी 500 करोड़ रुपये की पूंजी लक्ष्मी नारायण शुक्ला की कंपनी में लगा रखी थी। 10 महीने में उन्होंने 120 पीड़ितों से संपर्क कर उनका ब्योरा निकाला है, जिनके करीब 150 करोड़ रुपये फंसे हैं।
मौत पर हो जांच
पुलिस आयुक्त से मिलकर प्रोफेसर पाल ने उन्हें बताया कि लक्ष्मी नारायण शुक्ला की मौत हुई है या नहीं अब तक स्पष्ट नहीं है। किसी ने उनका शव नहीं देखा। उनकी मौत हुई है या उन्होंने आत्महत्या कर ली है। यह भी संभव है कि अनाप-शनाप संपत्ति के दम पर मौत के नाटक को अंजाम देकर वह परिवार के साथ कहीं भाग गए हों। अगर जांच हुई तो महानगर का सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला सामने आएगा।
बीपी जोगदण्ड, पुलिस आयुक्त ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में है। पीड़ितों ने इस मामले में मुझसे मिलकर शिकायत की है। इस गंभीर प्रकरण में जांच के आदेश दिए गए हैं। पीड़ितों के साथ न्याय होगा।
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