सीएम डैश बोर्ड रैंकिंग में कानपुर का कौन सा स्थान? डीएम के ताबड़तोड़ एक्शन के बाद आया सुधार
कानपुर जिले ने विकास पथ पर तेजी से प्रगति की है जिसके चलते सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में यह प्रदेश स्तर पर शीर्ष 10 में शामिल हो गया है। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की सख्ती और लगातार निरीक्षण के कारण यह संभव हुआ है। विकास कार्यों में सुधार हुआ है लेकिन राजस्व कार्यों में पिछड़ने के कारण रैंकिंग पर असर पड़ा है।

जागरण संवाददाता, कानपुर। विकास पथ पर जिला तेजी से दौड़ पड़ा है। सीएम डैश बोर्ड रैंकिंग में जिला प्रदेश स्तर पर टाप-10 में शामिल हो गया है। ऐसा जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की कड़ाई, ताबड़तोड़ निरीक्षण व अफसरों पर नकेल कसने से संभव हुआ है।
राजस्व कार्यों में 61वें स्थान पर रहकर पिछड़ गया। इसीलिए सीएम कार्यालय से जारी ओवरआल रैंकिंग में असर दिखा, जो अप्रैल में 46वें स्थान पर है। मार्च में यह स्थान 40वां था। इससे साफ है कि विकास कार्यों में सुधार हुआ पर राजस्व कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है। फरवरी में 63वीं व जनवरी में 58वीं रैंक मिली थी।
जिलाधिकारी ने शिक्षा-चिकित्सा समेत कई विभागों में कमियों को कराया ठीक
बीते साल लोकसभा चुनाव के बाद से ही सीएम डैश बोर्ड की रैंकिंग गड़बड़ा रही थी। फरवरी तक बेहद लचर प्रदर्शन रहा। जिलाधिकारी ने जनवरी में ही जिले की कमान संभाली। इसके बाद उन्होंने शिक्षा-चिकित्सा से लेकर बाकी विभागों में निरीक्षण कर कमियां पकड़ीं व उन्हें ठीक कराया।
योजनाओं की समीक्षा में लापरवाहों को प्रतिकूल प्रविष्टि, वेतन रोकने से लेकर शासन को कार्रवाई की संस्तुति की। इसका असर मार्च की रैंकिंग से दिखा। सीएम डैश बोर्ड से जारी रैंकिंग में सभी विभागों को लक्ष्य के सापेक्ष कार्य की प्रगति समय पर अपलोड करनी होती है।
विकास कार्यों से जुड़े 28 विभागों की 70 परियोजनाओं में दिव्यांग पेंशन, मातृत्व शिशु एवं बालिका सदस्य योजना, ओडीओपी वित्त पोषण, बिजली, शिक्षा, सड़क निर्माण, सामूहिक विवाह, आवास, जल जीवन मिशन, गोवंशी सिपुर्दगी, कन्या सुमंगला योजना व शौचालय निर्माण आदि में अप्रैल में 10वीं रैंक मिली। मार्च में ये 22वीं थी।
राजस्व कार्यों में स्मार्ट सिटी मिशन, हाउस टैक्स वसूली, राजस्व प्राप्ति, सरकारी कर राजस्व परियोजनाओं में जिले को 61वां स्थान मिला। फरवरी में विकास कार्यों में 63वीं व राजस्व कार्य में 54वीं रैंक आई थी।
जिलाधिकारी, जितेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया
जिले में विकास परियोजनाओं को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। लटके काम पूरे कराने को लेकर तत्परता दिखाई गई है। इससे विकास कार्यों में बेहतर रैंक मिली है। राजस्व से संबंधित कार्यों में लापरवाही को लेकर समीक्षा कराएंगे। इसके बाद अफसरों से जवाब-तलब कर कार्रवाई की जाएगी।
जनसुनवाई में लापरवाहों पर होगी कार्रवाई
जनसुनवाई पोर्टल पर जिले की रैंक लुढ़कने को लेकर जिलाधिकारी नाराज हैं। उन्होंने ऐसे अफसरों की सूची तैयार कराई है, जो लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। संबंधित विभागों के अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी। तहसीलों में खराब काम से अप्रैल में आइजीआरएस यानी जनसुनवाई पोर्टल पर जिला 61वें नंबर पर रहा था। इससे जिलाधिकारी नाराज हैं। उन्होंने बताया कि अफसरों को सीख दी गई है कि अपने काम को तत्परता से करें, जिससे जिले की रैंक और बेहतर की जा सके।
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