कानपुर के गड्ढे नहीं, व्यवस्था का डेथ ट्रैप! उजड़ी एक ज़िंदगी, जानलेवा सड़क ने छीन ली शिक्षिका की सांसें
कानपुर के बिधनू में एक गहरे गड्ढे के कारण हुए सड़क हादसे में एक शिक्षिका की मौत हो गई, जबकि ...और पढ़ें

नौबस्ता- हमीरपुर हाईवे पर गहरे गड्ढे। जागरण
HighLights
कानपुर में गहरे गड्ढे ने ली शिक्षिका की जान।
नाबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर सड़क हादसे में कई घायल।
सड़क की खराब हालत पर उठे गंभीर सवाल।
संवाद सहयोगी, बिधनू(कानपुर)। कानपुर में सड़कों का भ्रष्टाचार बेगुनाहों की जान ले रहा है। गड्ढों की वजह से शिक्षा का लौ जलाने वाली शिक्षिका की जिंदगी बुझ गई। ये हमारी व्यवस्था का काला सच हैं। बिधनू के हरबसपुर गांव में पंचायत भवन के सामने शुक्रवार सुबह हाईवे पर डेढ़ फीट गहरे गड्ढे ने एक शिक्षिका की जान ले ली।
तेज रफ्तार डंपर ने एक गहरे गड्ढे से बचने ने लिए स्टेयरिंग दाईं ओर मोड़ी, लेकिन वह अनियंत्रित हो गया। उससे बचने को स्कूल की बस सड़क से नीचे उतरने लगी, पर डंपर बस के दाएं हिस्से को रगड़ता हुआ निकला।
इससे बस की खिड़की के कांच किनारे बैठी शिक्षिका के सिर व चेहरे पर घुस गए और उनकी मौत हो गई, जबकि हादसे में पांच छात्र-छात्राएं समेत 10 अन्य लोग भी घायल हुए। उनमें दो शिक्षकों को एलएलआर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सभी घाटमपुर स्थित चीना पब्लिक स्कूल में गांधी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे।
बिधनू थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह ने बताया कि हादसा हाईवे पर गड्ढे की वजह से हुआ है। डंपर कब्जे में है। उसका चालक भी हिरासत में है। तहरीर के आधार मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर गड्ढे बने काल
नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर जर्जर सड़क और गड्ढे काल बन गए हैं। वाहन सवारों के लिए सफर हमेशा खौफनाक रहता है। सेन पश्चिमपारा व बिधनू थाना क्षेत्र के गल्लामंडी से रिंद नदी पुल तक 20 किलोमीटर की सड़क पर जनवरी से अब तक 180 हादसों में 50 की मौत व 210 लोग घायल हो चुके हैं।
भारी वाहन यमदूत
डिवाइडर न होने से भी भारी वाहन यमदूत बनकर दौड़ रहे हैं। वहीं, आबादी क्षेत्र में हाईवे के किनारे फुटपाथ की जगह ऊंचे नाले होने से खतरा और बढ़ जाता है। वहीं, बारिश के बाद हाईवे गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुका है।
हादसों के मुख्य कारण
सड़क के दोनों तरफ दो फीट ऊंचे मौत के नाले
वर्ष 2013-14 में नौबस्ता से हमीरपुर हाईवे पर चौड़ीकरण के दौरान आबादी क्षेत्र में फुटपाथ की जगह सड़क के दोनों तरफ दो फीट ऊंचे नाले बना दिए गए। सड़क की सतह से ज्यादा ऊंचाई होने से जलभराव की समस्या व राहगीरों की मुसीबत और बढ़ गई है। छोटे वाहन सवार तेज रफ्तार बड़े वाहनों से बचने के चक्कर में इन्हीं नालों से टकरा जाते हैं। यदि ये नाले ऊंचे न होते तो छोटे वाहन सवार फुटपाथ पर उतरकर हादसों से बच सकते हैं।
डिवाइडर न होने से बेलगाम दौड़ते वाहन
नौबस्ता से सेन पश्चिमपारा थाना क्षेत्र के पहाड़पुर तक डिवाइडर बनाकर जाली लगाई गई थी। पहाड़पुर से घाटमपुर तक हाईवे पर डिवाइडर नहीं है, जिसकी वजह से हाईवे पर बेलगाम भारी वाहन हादसों की वजह बनते रहते हैं। वहीं, राजमार्ग का वाहनों की संख्या के मुकाबले कम चौड़ा होना जाम की मुख्य वजह है, जिसमें फंसकर वाहन सवार घंटों हांफते हैं।
संकरे शंभुआ आरओबी पर आए दिन होते हादसे
हाईवे पर शंभुआ में 10 वर्ष पहले रेलवे लाइन पर आरओबी का निर्माण हुआ था, जो वाहनों के सापेक्ष संकरा है। एक ही आरओबी से दोनों तरफ के वाहन निकलने की वजह से आए दिन हादसे होते हैं। वाहनों की संख्या को देखते हुए एक और समानांतर आरओबी बनना चाहिए।
कानपुर सड़क हादसों के आंकड़े (बिधनू एवं सेन पश्चिम पारा)
थाना क्षेत्र | हादसे | मौतें | घायल |
|---|---|---|---|
बिधनू | 140 | 30 | 150 |
सेन पश्चिम पारा | 40 | 20 | 60 |
* आंकड़े संबंधित थानों के आधिकारिक रिकॉर्ड पर आधारित हैं।
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