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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अखिलेश दुबे के फरार सहयोगियों की तलाश में छापेमारी, उस्मानपुर, केशवनगर सहित इन क्षेत्रों में ठिकाने

By vipin trivedi Edited By: Anurag Shukla1
Published: Sat, 16 Aug 2025 07:40 PM (IST)

Kanpur Akhilesh Dubey कानपुर पुलिस ने अखिलेश दुबे के साथियों की तलाश में छापेमारी की। 50 लाख रंगदारी मांगने में ...और पढ़ें

अखिलेश दुबे के फरार सहयोगियों की तलाश में छापेमारी।
अखिलेश दुबे के फरार सहयोगियों की तलाश में छापेमारी।

HighLights

  1. नौबस्ता संग बर्रा और हनुमंत विहार थाना पुलिस ने की कार्रवाई
  2. उस्मानपुर, केशवनगर और बर्रा स्थित सोना मेंसन में मारा छापा

जागरण संवाददाता, कानपुर। भाजपा नेता रवि सतीजा को दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट के झूठे मुकदमे में फंसाकर 50 लाख की रंगदारी मांगने में जेल गए अधिवक्ता अखिलेश दुबे के फरार सहयाेगियों की तलाश तेज हो गई है। नौबस्ता के साथ ही हनुमंत विहार और बर्रा थाना पुलिस ने उस्मानपुर, केशवनगर व सोना मेंसन स्थित आरोपितों के घर पर छापेमारी की। हालांकि एक भी आरोपित के हाथ नहीं लगने पर पुलिस को बैरंग ही लौटना पड़ा। अब पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों का पता लगाकर छापेमारी की तैयारी शुरू कर दी है।

बर्रा थानाक्षेत्र के सचान चौराहा स्थित सोना मेंसन निवासी भाजपा नेता रवि सतीजा ने छह अगस्त को अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उनके सहयोगी कास्मोजिन लांज एंड डिस्क के पार्टनर लवी, उस्मानपुर के अभिषेक बाजपेई, केशव नगर के शैलेंद्र यादव उर्फ टोनू यादव और सोना मेंसन में रहने वाले विमल यादव व उस्मानपुर की संगी बहनों गीता और निशा के खिलाफ रिपाेर्ट दर्ज कराई थी, जिसकी विवेचना नौबस्ता थानाप्रभारी शरद तिलारा कर रहे हैं।

मामले में अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उनका सहयोगी लवी मिश्रा फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। भाजपा नेता का आरोप था कि आरोपित अखिलेश दुबे ने पहले उनके खिलाफ सहयोगियों की मदद से झूठा दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया। इसके मामले को खत्म कराने के लिए उनसे 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांगी थी। हालांकि भाजपा नेता पर लगाए गए आरोप पुलिस की जांच में झूठे पाये गए, जिसके बाद उन्होंने आरोपितों के खिलाफ मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक से न्याय की गुहार लगाई थी।

इसी मामले में फरार चल रहे आरोपित विमल यादव, शैलेंद्र यादव उर्फ टोनू यादव और अभिषेक बाजपेई की तलाश में पुलिस ने उनके घरों पर छापेमारी की थी।डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि रंगदारी मांगने के मामले में अखिलेश दुबे के फरार सहयोगियों की तलाश में पुलिस टीम ने छापेमारी की थी। हालांकि छापेमारी के दौरान आरोपित पकड़ में नहीं आए हैं। उनके परिवार वालों से पूछताछ की गई, हालांकि उन्हाेंने भी जानकारी होने से इंकार किया है। आरोपितों की धरपकड़ के लिए उनके संभावित ठिकानों में छापेमारी की जाएगी।