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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अखिलेश दुबे का काला साम्राज्य, महिला का राजफाश, अश्लील किताब प्रकाशित करवाता था ये गैंग

By Jagran News Edited By: Anurag Shukla1
Published: Mon, 18 Aug 2025 04:52 PM (IST)

कानपुर में अधिवक्ता अखिलेश दुबे के खिलाफ एक और महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला के अनुसार अखिलेश दुबे ...और पढ़ें

अब महिला ने अखिलेश दुबे पर लगाया आरोप।
अब महिला ने अखिलेश दुबे पर लगाया आरोप।

HighLights

  1. अधिवक्ता आखिलेश दुबे के खिलाफ अब महिला ने दी तहरीर
  2. पीड़िता बोली- उन पर व परिवार पर मुकदमा तक दर्ज कराया

जागरण संवाददाता, कानपुर। अधिवक्ता अखिलेश दुबे के खिलाफ शिकायतों की संख्या अब बढ़ने लगी है। सोमवार को साकेत नगर की एक और महिला ने अखिलेश दुबे और उसके गैंग के खिलाफ तहरीर दी, जिसमें अखिलेश पर दो लाख प्रतिमाह वसूलने और अश्लील किताबें छपवा प्रचलित करने समेत आरोप लगाए हैं। एसआइटी अब इसकी जांच कर रही है।

पीड़िता की तहरीर के अनुसार, करीब 15 साल पहले बारादेवी स्थित होटल में वह पार्टनर थीं और संचालन वह खुद ही देखती थीं। जनवरी 2010 में अधिवक्ता अखिलेश दुबे ने अपने यहां के व उसके भाई और चार अन्य लोग होटल आए। और अखिलेश दुबे के नाम पर दो लाख प्रतिमाह देने के लिए कहा। होटल लोन पर था। इसलिए मना कर दिया। इस पर उन लोगों ने उन्हें लात घूसों से पीटा। उन लोगों ने उनकी चेन, कंगन जेवर छीन ली।

उन लोगों ने असलहों के बल पर कर्मचारियों को भी डरा धमकाकर भगा दिया था। यहां तक दूर के एक रिश्तेदार से 1.20 लाख लेकर भाग गए।। इस तरह से कई माह तक ये सब चलता रहा। उसके बाद रुपये देने में असमर्थ हो गई। उसके छह माह बाद वह परिवार के साथ गुमटी स्थित पटियाला बैंक रुपये निकालने गईं तो मैनेजर ने उन्हें एक किताब दी, जिसमें मेरी ही अश्लील फोटो थी।

जब घरवालों को ये दिखाया तो वे अखिलेश दुबे के कार्यालय बात करने गए, जहां अखिलेश ने उनपर बंदूक तान दी और धमकाया। डरकर दो साल तक उससे प्रताड़ित रही। अखिलेश ने उन पर व परिवार के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। हलांकि आरोप सिद्ध नहीं होने से वह दोषमुक्त हो गईं। थाने चौकी में उन लोगों के खिलाफ तहरीर देने पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

कोर्ट की शरण ली तो अखिलेश के टाइपराइटर अजय निगम पर मुकदमा हुआ,लेकिन उसके बाद भी मामले की फाइल बंद कर दी गई। अब जब आपरेशन महाकाल के बारे में जानकारी होने पर पुलिस आयुक्त को तहरीर दी। पुलिस आयुक्त के स्टाफ आफिसर राजेश पांडेय ने बताया कि तहरीर आई है। जांच चल रही है।