जागरण संवाददाता, कानपुर। मेट्रो को मंधना और उन्नाव के बार्डर तक चलाने का प्रस्ताव बनाया गया है। कुल सात कॉरिडोर निर्माण की जरूरत बताई गई है। मुख्यमंत्री को प्रजटेंशन दिखाया गया है। सात कॉरिडोर में हाल-फिलहाल नौबस्ता से बर्रा तक 5.9 किमी के एक कॉरिडोर को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इस पर एक हजार करोड़ का खर्च आएगा।
अभी शहर में दो कॉरिडोर पर काम चल रहा है। शहर में मेट्रो के सात और नए कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने शहरी नियोजन विभाग को दिया है। मेट्रो अफसर इसका प्रजटेंशन मुख्यमंत्री को दिखा जा चुके हैं।
मेट्रो ने बनाए ये प्रस्ताव
आइआइटी से मंधना तक 5.44, केंद्रीय विद्यालय कैंट से उन्नाव बार्डर तक 15 किमी, नौबस्ता से बर्रा तक 5.9 किमी, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय से मैनावती मार्ग तक 4.37 किमी का कॉरिडोर का प्रस्ताव बना है।
![]()
नौबस्ता से रमईपुर तक 5.78 किमी, नौबस्ता से चकेरी 17.6 किमी और पनकी से केंद्रीय विद्यालय कैंट तक 20.61 किमी कॉरिडोर का प्रस्ताव है।
7 और कॉरिडोर का दिया गया प्रस्ताव
मेट्रो के जन संपर्क अधिकारी पंचानन मिश्र ने बताया कि शहरी नियोजन विभाग को सात और कॉरिडोर का प्रस्ताव दिया गया है। अभी शासन ने इसकी सहमति नहीं दी है। इन सात में से एक नौबस्ता से बर्रा तक के कॉरिडोर को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। मंजूरी मिलने पर डीपीआर बनवाई जाएगी। इस कॉरिडोर पर एक हजार करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। कम से कम पांच सब स्टेशन बनाए जाएंगे।
अभी यहां 32.2 किमी के दो कॉरिडोर पर काम चल रहा है। अगर यह सात कॉरिडोर और बन गए तो 74.9 किमी में मेट्रो और चलने लगेगी। इससे शहर के चारों आउटर क्षेत्र के लोगों को भी मेट्रो की सवारी की सुविधा मिलने लगेगी।
45 लाख लोगों को मिलेगी यातायात की सुविधा
मंधना और उन्नाव से हर रोज काफी लोगों का शहर आना और जाना रहता है। इन्हें जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। इससे इन्हें मुक्ति मिलेगी। सभी प्रस्तावित कॉरिडोर बनने के बाद करीब 45 लाख लोगों को सुगम यातायात की सुविधा मिलने लगेगी।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।