कानपुर में सेंट्रल स्टेशन तक कब चलेगी मेट्रो? सामने आई डेट, नहीं करना पड़ेगा ज्यादा इंतजार
कानपुर मेट्रो के सेंट्रल स्टेशन तक पहुंचने में लगातार देरी हो रही है। अब यह मार्च 2025 में पूरा होने की उम्मीद है। पहले यह नवंबर 2024 तक पूरा होने वाला था। इस प्रोजेक्ट में देरी के कारणों में जमीन अधिग्रहण में देरी और रेलवे की जमीन पर कब्जा मिलने में देरी शामिल हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट का बजट नियंत्रण में है।

जागरण संवाददाता, कानपुर। नवंबर 2024 तक शहर में अपने प्रोजेक्ट को पूरा करने का वादा करने वाली मेट्रो सेंट्रल स्टेशन तक पहुंचने में ही एक वर्ष लेट हो चुकी है। जून 2023 में मेट्रो के अधिकारियों ने पहली बार यह घोषणा की थी कि वह लोकसभा चुनाव के पहले फरवरी 2024 तक सेंट्रल स्टेशन तक ट्रेन चला देंगे। कई बार अपनी तारीख बदलने वाला मेट्रो अब मार्च 2025 में सेंट्रल स्टेशन तक पहुंचने की बात कह रहा है।
31 मई 2023 को मोतीझील स्टेशन पर एक कार्यक्रम पहुंचे उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन के महाप्रबंधक आपरेशन स्वदेश कुमार ने सबसे पहले कार्यक्रम में मौजूद लोगों के सामने कहा था कि लोकसभा चुनाव से पहले सेंट्रल स्टेशन तक मेट्रो ट्रेन को चला दिया जाएगा।
वादा बनकर रह गई मेट्रो की बात
जब उनसे और खुलकर पूछा गया था तो उन्होंने फरवरी 2024 तक ट्रेन सेंट्रल तक पहुंचाने की बात कही थी लेकिन उसके बाद से मेट्रो की ट्रेन लगातार लेट होती चली गई। लोकसभा चुनाव गुजर गया। इसके बाद पहले जुलाई 2024, फिर नवंबर 2024 और 2025 में मकर संक्रांति से पहले, फरवरी 2025 में सेंट्रल तक ट्रेन चलाने की बात कही गई लेकिन हर बार मेट्रो की बात सिर्फ वादा बनकर रह गई।
अब मेट्रो ने मार्च 2025 में सेंट्रल तक ट्रेन पहुंचाने की बात कही है। इसमें फरवरी के तीसरे सप्ताह में कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी का निरीक्षण प्रस्तावित है। साथ ही 15 फरवरी तक ट्रायल रन की तैयारी चल रही है। इस दौरान हाई स्पीड से मेट्रो ट्रेन दौड़ाई जाएगी। ट्रायल रन एक माह चलेगा। सभी औपचारिकताएं और सुरक्षा जांच के बाद ही सेंट्रल स्टेशन तक यात्रियों को लेकर चलने की अनुमति मिलेगी।
अधिकारियों के मुताबिक ट्रायल रन के लिए मुख्यमंत्री के आने का कार्यक्रम प्रस्तावित था लेकिन उनका समय नहीं मिल सका।
भूमिगत स्टेशनों पर वेडिंग मशीनें लगीं
मोतीझील से आगे भूमिगत स्टेशन चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, नयागंज और कानपुर सेंट्रल बनकर तैयार हो गए हैं। इनमें टिकट वेडिंग मशीन भी लग गई हैं। आटोमैटिक फेयर कलेक्शन गेट भी लगा दिए गए हैं।
मेट्रो की सफाई
बीआइसी की जमीन देर से मिलने की वजह से काम लेट हुआ। इसके अलावा सेंट्रल स्टेशन पर रेलवे की जमीन पर कब्जा मिलने में भी देरी हुई। भले ही एक साल की देरी हो गई है लेकिन प्रोजेक्ट का बजट कंट्रोल में है।
पंचानन मिश्रा, जनसंपर्क अधिकारी उप्र मेट्रो रेल कारपोरेशन ने बताया
मोतीझील से सेंट्रल तक पांचों स्टेशनों पर काम अंतिम चरण में है। प्रयास है कि मार्च के दूसरे या तीसरे सप्ताह में आइआइटी से सेंट्रल तक यात्रा की सुविधा शहरवासियों को मिल जाए।
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