कानपुर वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! पहली बार कॉरिडोर-2 पर दौड़ी मेट्रो, तीन अंडरग्राउंड स्टेशनों से गुजरी, जानें पूरा रूट
कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 पर मंगलवार को पहला सफल टेस्ट रन किया गया, जिसमें मेट्रो सीएसए डिपो से विजय नगर ...और पढ़ें

कारिडोर-2 में मेट्रो ने किया टेस्ट रन। मेट्रो
HighLights
कॉरिडोर-2 पर सीएसए डिपो से विजय नगर तक टेस्ट रन।
रावतपुर, काकादेव, डबल पुलिया अंडरग्राउंड स्टेशनों से गुजरी मेट्रो।
5 किमी/घंटे की गति से मैनुअल मोड में हुआ संचालन।
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर मेट्रो के कारिडोर-2 पर मंगलवार को मेट्रो दौड़ाई गई। सीएसए विश्वविद्यालय परिसर स्थित डिपो से विजय नगर चौराहा स्टेशन के पास बने रैंप तक पहली बार मेट्रो का टेस्ट रन किया गया। मेट्रो ने रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया के अंडरग्राउंड स्टेशनों से सफर तय किया।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने कारिडोर-2 के डिपो से विजय नगर चौराहा के पास स्थित रैंप तक डाउनलाइन पर ट्रैक निर्माण और थर्ड रेल इंस्टालेशन का काम पूरा कर लिया। मंगलवार को पहली बार इस सेक्शन पर मेट्रो दौड़ाई गई।
पांच किमी प्रति घंटे की गति से चलाया किया गया टेस्ट रन
पहले टेस्ट रन में ट्रेन को पांच किमी प्रति घंटे की कम गति पर मैनुअल मोड में चलाया गया। इस दौरान ट्रैक की स्थिति, बिजली आपूर्ति और विभिन्न तकनीकी प्रणालियों की कार्यक्षमता परखी गई। आगामी चरणों में ट्रेन को आटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) और आटोमेटिक ट्रेन आपरेशन (एटीओ) मोड में भी चलाकर जांच की जाएगी। कारिडोर-2 डिपो से विजय नगर चौराहा के पास स्थित रैंप तक अपलाइन पर भी ट्रैक निर्माण का काम तेजी से चल रहा है।
8.60 किमी लंबे कारिडोर पर आठ स्टेशन
कानपुर मेट्रो का कारिडोर-2 सीएसए विश्वविद्यालय से बर्रा-8 तक लगभग 8.60 किलोमीटर लंबा है। इसमें करीब 4.10 किलोमीटर अंडरग्राउंड और 4.50 किलोमीटर एलिवेटेड सेक्शन है। अंडरग्राउंड हिस्से में रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया स्टेशन हैं, जबकि एलिवेटेड हिस्से में एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, विजय नगर चौराहा, शास्त्री चौक, बर्रा-7 और बर्रा-8 स्टेशन हैं।
यूपीएमआरसी के पीआरओ पंचानन मिश्र ने इस उपलब्धि पर कर्मचारियों और शहरवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान कई चुनौतियों का सामना करने के बाद कारिडोर-2 की डाउनलाइन पर टेस्ट रन शुरू होना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कहा कि पूरा फोकस अब कारिडोर-2 पर है। आने वाले तीन-चार महीनों में ही इस कारिडोर पर मेट्रो दौड़ाने का पूरा प्रयास रहेगा।
