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30 कैमरे लगे थे, फिर भी बदमाश नहीं दिखे… कानपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता को फार्म हाउस में बंधक बना 25 लाख लूटे

Published: Tue, 13 Oct 2026 06:29 PM (IST)

कानपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश सिंह यादव के फार्म हाउस में नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोलकर उन्हें बंधक ...और पढ़ें

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HighLights

  1. भाजपा नेता रमेश सिंह यादव के फार्म हाउस में लूट

  2. नकाबपोश बदमाशों ने 25 लाख रुपये की नकदी-जेवर लूटे

  3. पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर बदमाशों की तलाश में जुटी

संवाद सहयोगी, बिधनू(कानपुर)। कानपुर में नकाबपोश बदमाशों का आतंक देखने को मिला। भाजपा के वरिष्ठ नेता के फार्म हाउस में घुसकर बदमाशों ने बंधक बनाया। इसके बाद 25 लाख की लूट की।

भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश मंत्री व बिधनू के पूर्व ब्लाक प्रमुख रमेश सिंह यादव के सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के न्यूरी गांव स्थित फार्म हाउस में सोमवार रात दो काले कपड़ों में नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोल दिया। तमंचा, चाकू और पेट्रोल की बोतल लेकर पहुंचे बदमाशों ने उन्हें बंधक बनाकर 12 लाख रुपये की नकदी और करीब 13 लाख के जेवर लूट लिए।

विरोध करने पर मुंह पर घूंसा मारकर घायल कर दिया और पेट्रोल डालकर जलाने की धमकी दी। करीब 37 मिनट तक फार्म हाउस में रहे बदमाश रात 11:37 बजे पीछे की ओर से फरार हो गए। घटना में कई ऐसे बिंदु हैं, जिनकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है।

kanpur bjp leader ramesh singh yadav hostage in farmhouse


सीएम की बैठक से आए थे फार्म हाउस

रमेश सिंह यादव के मूताबिक वह सोमवार रात करीब 10 बजे लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश समिति की बैठक से लौटे थे। फार्म हाउस के अतिथि कक्ष में सोफे पर बैठकर वह बैठक की फोटो और वीडियो देखने लगे। उन्होंने रसोइये अभय यादव से खाना न खाने की बात कहकर फल कटवाए।


रसोइया के घर जाते ही घुसे बदमाश

रात 10:35 बजे अभय फल देकर घर चला गया। इसके करीब 25 मिनट बाद रात 11 बजे काले कपड़े पहने नकाबपोश दो बदमाश हाल में घुस आए। एक के हाथ में तमंचा और दूसरे के पास चाकू व पेट्रोल से भरी बोतल थी। बदमाशों ने रमेश के हाथ-पैर काले कपड़े से बांध दिए और उनके गले की चेन, सोने का चूड़ा और अंगूठी खींचकर उतार ली।

kanpur bjp leader ramesh singh yadav hostage in farmhouse


पहले दो करोड़ मांगे, फिर एक करोड़ देने को कहा

इसके बाद एक बदमाश ने कहा कि उनके पास बहुत पैसा है और उसे दो करोड़ रुपये चाहिए। रमेश ने दो करोड़ देने में असमर्थता जताई तो बदमाश ने एक करोड़ ही देने की बात कही।


फोन करके रुपये मंगवाने पर मना किया बदमाशों ने

रमेश ने हाथ खोलने पर फोन कर रुपये मंगवाने की बात कही। इसी बीच एक बदमाश ने फोन करने के लिए मना कर दिया और लाकर में रखी नकदी देने को कहा। इसके बाद उन्हें पीछे बने बेडरूम में खींचकर ले जाकर बेड पर गिरा दिया और तिजोरी से 12 लाख रुपये निकाल लिए।


मुंह पर टेप लगाया

बदमाशों ने रमेश के मुंह पर टेप लगाया और हाथ-पैर को फंदे से कसकर उन्हें बाथरूम में डाल दिया। जाते समय पानी की बोतल और तौलिया देकर कहा कि वह 15 मिनट तक फंदा नहीं खोल पाएंगे। रात 11:37 बजे दोनों बदमाश परिसर में जामुन के पेड़ के सहारे टिन शेड पर चढ़कर पीछे की दीवार फांदकर भाग निकले।


रसोइये और सुरक्षा गार्ड को बुलाया

रात 11:52 बजे रमेश किसी तरह फंदा खोलकर बाहर आए और सुरक्षा गार्ड राजेश व रसोइये अभय को फोन कर बुलाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। रात 12:15 बजे पुलिस मौके पर पहुंची।


दो कैमरों में दिखे बदमाश

डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी और सहायक पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था विपिन टाडा ने फोर्स के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने रातभर बदमाशों की तलाश की और फार्म हाउस के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जिसमे पीछे के दो कैमरों में दो बदमाश भागते हुए दिखाई दिए।

फार्म हाउस में लगे 30 कैमरे, फिर भी बदमाशों की सटीक रेकी पर सवाल

भाजपा नेता रमेश सिंह यादव के फार्म हाउस में 30 सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद बदमाशों का अंदर दाखिल होना और उनका रिकॉर्ड न होना घटना की संदिग्धता को बढ़ाता है। यदि कैमरे चालू थे तो प्रवेश मार्ग, दीवार और आसपास की गतिविधियां फुटेज में क्यों नहीं दिखीं? बदमाशों को पीछे की दीवार, जामुन के पेड़ और टिन शेड के रास्ते की जानकारी कैसे मिली? यह सवाल उनकी सटीक रेकी की ओर इशारा करता है।

बदमाश करीब 37 मिनट तक परिसर में रहे

वहीं बदमाश करीब 37 मिनट तक परिसर में रहे, भाजपा नेता रमेश सिंह यादव को बंधकर जेवर उतारे इसके बाद लाकर से नकदी निकाली और पीछे की दीवार फांदकर भाग गए। उन्हें लाकर में रखी रकम, फार्म हाउस की दिनचर्या और सुरक्षा गार्ड व रसोइये के जाने के समय की जानकारी थी।


किसी परिचित ने की रेकी?

सुरक्षा कर्मियों के जाने के महज 25 मिनट बाद वारदात होना महज संयोग था या पहले से बनाई गई योजना, यह सभी बिंदु पुलिस के जांच घेरे में हैं। साथ ही पुलिस बदमाशों के द्वारा फार्म हाउस की रेकी कब और किस माध्यम से की गई, क्या किसी परिचित, कर्मचारी या आसपास के व्यक्ति ने उन्हें जानकारी दी।

 

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