CSA To Barra-8 Metro: कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 डिपो में सिग्नलिंग उपकरणों का परीक्षण शुरू
कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 (सीएसए-बर्रा-8) के डिपो में सिग्नलिंग उपकरणों की टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें प्वाइंट मशीन, ...और पढ़ें

HighLights
कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 डिपो में सिग्नलिंग टेस्टिंग शुरू हुई
प्वाइंट मशीन, सिग्नल, एक्सल काउंटर जैसे उपकरण स्थापित किए गए
यह टेस्टिंग सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है
जागरण संवाददाता, कानपुर। मेट्रो के कारिडोर-2 (सीएसए–बर्रा-8) में सिविल निर्माण के साथ सिस्टम इंस्टालेशन का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। रविवार को सीएसए विश्वविद्यालय परिसर स्थित निर्माणाधीन डिपो में सिग्नलिंग उपकरणों की टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस दौरान मेट्रो के सिग्नलिंग एवं टेलीकाम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी थे।
उप्र मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड (यूपी-एमआरसी) के जनसंपर्क अधिकारी पंचानन मिश्र ने बताया कि सिग्नलिंग प्रणाली के अंतर्गत डिपो में कुल 27 प्वाइंट मशीनें, 31 सिग्नल और 55 एक्सल काउंटर स्थापित किए जाने थे। इन सभी उपकरणों के इंस्टालेशन का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्वाइंट मशीनें ट्रेनों को एक लाइन से दूसरी लाइन पर सुरक्षित और स्वचालित रूप से शिफ्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इसी तरह, एक्सल काउंटर ट्रैक पर ट्रेनों की उपस्थिति का पता लगाकर सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करते हैं। जन संपर्क अधिकारी ने बताया कि डिपो के अंदर लगभग 550 मीटर लंबे टेस्ट ट्रैक का भी निर्माण किया जा रहा है, जहां मेनलाइन के समान साफ्टवेयर और सिग्नलिंग सेट-अप लागू किया गया है। सिग्नलिंग उपकरणों की टेस्टिंग के दौरान इनके आपसी समन्वय, कार्यप्रणाली एवं विश्वसनीयता की जांच की जाएगी।
डायवर्जन खत्म
मेट्रो निर्माण कार्य के चलते शुक्रवार रात 11 बजे से रविवार सुबह पांच बजे तक रूट डायवर्जन रखा गया था। डीसीपी रवींद्र कुमार ने बताया था कि कारिडोर दो के तहत सीएसए से बर्रा आठ सेक्शन में पियर संख्या 43 पर कैंप कास्टिंग होगी। इसलिए विजयनगर से आने वाले वाहन दादानगर सर्विस रोड के बजाय फ्लाईओवर और सीटीआइ चौराहा होकर गंतव्य तक जाएंगे। अब यह डायवर्जन खत्म हो चुका है।
