निशानेबाजी में दुनिया में 'महिमा' गान: शुक्लागंज की बेटी ने 4 साल में रचा इतिहास, अब कॉमनवेल्थ गेम्स में साधेंगी लक्ष्य
उन्नाव की महिमा गौतम ने डार्ट्स में एशिया रैंकिंग में नौवां स्थान हासिल कर इतिहास रचा है। शूटिंग से डार्ट्स ...और पढ़ें

घर में बने डार्ट्स बोर्ड पर निशाना साधतीं महिमा। जागरण
HighLights
एशिया डार्ट्स रैंकिंग में नौवें स्थान पर पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं उन्नाव की महिमा
चार साल के अंतराल में दिखाई प्रतिभा, अब कामनवेल्थ व वर्ल्ड डार्ट्स मास्टर गेम्स में साधेंगी लक्ष्य
अंकुश शुक्ल, कानपुर। सटीक लक्ष्य, जुनून और कुछ कर गुजरने का जज्बा ही नित नई मंजिल तक पहुंचाने की राह बनाता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है उन्नाव के शुक्लागंज की बेटी महिमा गौतम ने, जिन्होंने सटीक निशाना साधकर दुनिया में 'महिमा' गान की दिशा में कदम बढ़ाए।
एशिया डार्ट्स रैंकिंग में नौवें स्थान पर पहुंचने वाली महिमा वर्ष 2022 में शूटिंग की चाह के साथ मैदान में उतरीं पर किस्मत में कुछ अलग ही लिखा था। पिस्टल थामने वाले हाथों ने डार्ट्स थामा, फिर जिले से राज्य, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपना लोहा मनवाते हुए इंडिया रैंक पाकर अब कामनवेल्थ व वर्ल्ड डार्ट्स मास्टर चैंपियनशिप में लक्ष्य साधेंगी।
कोलकाता में पिछले दिनों संपन्न हुई इंडिया इंटरनेशनल ओपन डार्ट्स चैंपियनशिप में महिमा ने सटीक लक्ष्य साधकर कोलकाता की टिया बनर्जी को सिंगल्स स्पर्धा में 5-0 से शिकस्त देकर एशिया में नौवीं रैंक पाई। वे एशियन रैंकिंग के टाप टेन में शामिल होने वाली उत्तर प्रदेश की पहली खिलाड़ी बनीं। अब अमेरिका के लास वेगास में होने वाली प्रतियोगिता की तैयारी कर रही हैं।
इलेक्ट्रीशियन पिता विनोद कुमार व मां सुशीला गौतम की 24 वर्षीय बेटी महिमा फिजिकल एजुकेशन की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में कालेज की दोस्त प्रतीक्षा के साथ कोयलानगर स्थित शूटिंग अकादमी में प्रशिक्षण के लिए गईं तो वहां कोच शैलेश कुमार ने डार्ट्स खेलने को प्रेरित किया। उसी समय से जीवन में नया मोड़ आया और डार्ट्स खेल से नाता जुड़ गया।
कुछ माह के प्रशिक्षण के बाद जिला स्तरीय डार्ट्स चैंपियनशिप में सफलता पाई तो राज्य के लिए चयन हुआ। वहां पर पदक जीता, लेकिन नेशनल चैंपियनशिप में निराशा मिली। लगातार दो नेशनल में असफलता के बाद हिम्मत नहीं हारी और प्रशिक्षण जारी रखा। असफलता के इस दौर में कोच शैलेश ने हौसला बढ़ाया और घर पर ही डार्ट्स बोर्ड लगाकर दिन-रात अभ्यास करने की सलाह दी। कोच की सलाह पर छोटे से घर में ही डार्ट्स बोर्ड लगा प्रशिक्षण लिया।
द्रोणाचार्य बन कोच ने लक्ष्य भेदना सिखाया
कोच शैलेश खुद डार्ट्स के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने महिमा को लक्ष्य भेदने का कौशल सिखाया। कोच शैलेश बताते हैं कि महिमा की एकाग्रता व स्टैडिंग क्षमता बेहतर है। वो एक ही स्थिति में काफी देर खड़े रहकर लक्ष्य को साधती है। इससे डार्ट्स बोर्ड में उसे सटीक लक्ष्य की दिशा मिल जाती है।
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीता लगातार स्वर्ण
महिमा लक्ष्य से भटकने वाली खिलाड़ी नहीं, बल्कि अर्जुन की तरह निशाना साधती है। एक-दो डार्ट्स खराब अंक पर आने के बाद जोरदार वापसी करने का हुनर महिमा में है। कोच ने बताया कि उनकी सलाह पर ही घर पर डार्ट्स बोर्ड लगाया और दिन-रात अभ्यास कर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार स्वर्ण पदक जीते।
शूटिंग बहुत महंगा खेल, इस वजह से डार्ट्स खेल चुनाव
एशिया रैंक में नौवें स्थान पर पहुंचने वाली खिलाड़ी महिमा ने बताया कि पारिवारिक स्थिति के चलते शूटिंग के स्थान पर डार्ट्स खेल को चुनना पड़ा। शूटिंग बहुत महंगा खेल है और डार्ट्स में बहुत कम धनराशि में ही शुरुआत की जा सकती है। देश में भले ही इस खेल का क्रेज कम है, लेकिन दूसरे देशों में डार्ट्स की लोकप्रियता अन्य खेलों से अधिक है।
बढ़ाया परिवार का मान, देश के लिए जीतना लक्ष्य
महिमा ने कहा कि मेरी हर सफलता परिवार का मान बढ़ा रही है। कामनवेल्थ व वर्ल्ड डार्ट्स चैंपियनशिप में देश के लिए पदक जीतना मेरा लक्ष्य है। इसके लिए हर दिन कड़ा अभ्यास कर रही हूं। पिता विनोद ने बताया कि बेटी अब परिवार का मान बन गई है। उसकी सफलता से शहर, प्रदेश व देश का भी नाम हो रहा है। निश्चित ही बेटी अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर देश का मान बढ़ाएगी।
वर्षवार महिमा की उपलब्धियां
- 2022 : कोलकाता में डार्ट्स चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया और गोवा में नेशनल डार्ट्स रैंकिंग के टीम स्पर्धा में पदक जीता।
- 2023 : दिल्ली में नेशनल डार्ट्स में स्वर्ण पदक जीता। कोलकाता व ओडिशा में नेशनल डार्ट्स के सिंगल्स में स्वर्णिम छाप छोड़ी।
- 2024 : वाराणसी में हुई डार्ट्स नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया।
- 2025 : इंडिया रैंकिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण व चेन्नई रैंकिंग में पहला स्थान पाया।
- 2023 : थाइलैंड में हुए इंटरनेशनल एशिया टूर में भारतीय टीम से प्रतिभाग किया।
- 2024 : मलेशिया में भारतीय टीम से प्रतिनिधित्व किया।
- 2025 : साउथ कोरिया में हुए डार्ट्स वर्ल्ड कप में खेलने वाली उप्र की पहली खिलाड़ी बनीं।
