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उन्नाव में पूर्व विधायक के भाई को 4 दिन में रखा अवैध तरीके से हिरासत में, दारोगा निलंबित, थानाध्यक्ष पर भी कार्रवाई की मांग

Published: Sun, 20 Sep 2026 05:37 PM (IST)

उन्नाव में पूर्व विधायक के भाई रामकुमार रावत को अवैध हिरासत में रखने और लूट के आरोप में दारोगा कल्लूराम ...और पढ़ें

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HighLights

  1. दारोगा कल्लूराम को अवैध हिरासत और लूट के आरोप में निलंबित किया गया

  2. पूर्व विधायक के भाई रामकुमार रावत ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी

  3. पीड़ित ने थानाध्यक्ष पर भी कार्रवाई की मांग की, जांच जारी है

संवाद सूत्र, हसनगंज(उन्नाव)। मोहान विधानसभा से बसपा से विधायक रहे हसनगंज के ढकवा गांव निवासी रामखेलावन के भाई रामकुमार रावत को चार दिन तक अवैध हिरासत में रखने व लूट के आरोप से घिरे दारोगा कल्लूराम को एएसपी दक्षिणी की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने रविवार को निलंबित कर दिया। पीड़ित रामकुमार का कहना है कि अकेल दारोगा पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। मामले में थानाध्यक्ष भी इस मामले में बराबर के दोषी हैं, जांच में उन्हें बचाया गया है।

क्षेत्र के ढकवा निवासी रामकुमार रावत ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि दरोगा कल्लूराम बिना किसी कारण 27 जुलाई 2026 को उसे पकड़कर ले गए और उसे चार दिनों तक अवैध रूप से हिरासत में रखा। इसी बीच दरोगा करीब आठ पुलिसकर्मियों के साथ लखनऊ स्थित उसके फ्लैट पर पहुंचे और वहां से नगदी, जेवर व कारतूस लूट ले गए। 30 जुलाई को शांतिभंग में चालान कर दिया।

मामले में उच्च न्यायालय ने एसपी से जांच रिपोर्ट मांगी थी। एसपी ने मामले की जांच एएसपी दक्षिणी शैलेंद्र लाल को दी थी। एएसपी शैलेंद्र लाल एक सप्ताह से जांच कर रहे थे। शुक्रवार को उन्होंने अपनी रिपोर्ट एसपी को सौंपी थी। एएसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी जयप्रकाश सिंह ने दरोगा कल्लूराम को निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद रामकुमार रावत ने कहा कि कार्रवाई केवल दरोगा तक सीमित रहने से उसे न्याय नहीं मिलेगा।

उसका आरोप है कि पूरे मामले में इंस्पेक्टर की भी भूमिका रही है। उसने कहा कि जब तक संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वह इसे पूर्ण न्याय नहीं मानेगा। वहीं चर्चा है कि एएसपी की रिपोर्ट में थानाध्यक्ष की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। हालांकि अब तक उन्हें कार्रवाई से दूर रखा गया है। एसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि एएसपी की जांच रिपोर्ट में दारोगा दोषी मिला हैं, इस पर उसे निलंबित कर आख्या उच्च न्याायालय की खंडपीठ लखनऊ भेजी जा रही है।

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