UP BJP: भाजपा ने बदले संगठन के ‘सारथी’, कानपुर में 3 जिला प्रभारी; पिछड़ों के साथ ब्राह्मण-ठाकुर चेहरों को भी जिम्मेदारी
भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत प्रदेश मुख्यालय से जिला प्रभारियों की नई सूची जारी की है। ...और पढ़ें
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एमएलसी अरुण पाठक, अनिल यादव प्रदेश मंत्री, प्रांशु दत्त द्विवेदी, आनंद सिंह।
HighLights
भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव हेतु नए जिला प्रभारी नियुक्त किए
कानपुर में अनिल यादव, प्रांशुदत्त द्विवेदी, आनंद सिंह को जिम्मेदारी
पिछड़े, ब्राह्मण, ठाकुर चेहरों को संगठनात्मक भूमिका में जगह मिली
जागरण संवाददाता, कानपुर। विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों के बीच भाजपा ने संगठन को चुनावी मोड में लाते हुए शनिवार को प्रदेश मुख्यालय से जिला प्रभारियों की नई सूची जारी कर दी गई। कानपुर के तीन प्रमुख संगठनात्मक जिलों में प्रभारी के तौर पर अनिल यादव, प्रांशुदत्त द्विवेदी और आनंद सिंह को जिम्मेदारी देकर भाजपा ने पिछड़े वर्ग के साथ-साथ ब्राह्मण और ठाकुर नेतृत्व को संगठनात्मक भूमिका में जगह दी है।
खास बात यह है कि कानपुर में इस बार उत्तर, दक्षिण और ग्रामीण जिले के लिए अलग-अलग प्रभारी बनाए गए हैं,जबकि पहले उत्तर और दक्षिण की जिम्मेदारी रक्षामंत्री के बेटे और नोएडा से विधायक पंकज सिंह के पास थी। नई व्यवस्था में दोनों जिलों को अलग-अलग प्रभारी बनाए हैं। वहीं जिले से एमएलसी अरूण पाठक को वाराणसी में दोबारा जिला प्रभारी बनाया गया है, जबकि पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह को झांसी जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कानपुर महानगर उत्तर की जिम्मेदारी प्रदेश मंत्री अनिल यादव को दी गई है। वह इससे पहले चित्रकूट के प्रभारी थे। दक्षिण जिले का प्रभारी युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी प्रांशुदत्त द्विवेदी को बनाया गया है। वहीं क्षेत्रीय महामंत्री आनंद सिंह को कानपुर ग्रामीण का प्रभारी बनाया गया है। वह पहले औरैया और ग्रामीण के प्रभारी रह चुके हैं।
वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का एमएलसी अरुण पाठक को वाराणसी जिला और महानगर का प्रभारी बनाया गया है। वह वर्ष सितंबर 2023 से प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के प्रभारी रहकर पार्टी का भरोसा जीतने में कामयाब रहें हैं। वहीं कानपुर-बुंदेलखंड के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं एमएलसी मानवेन्द्र सिंह को झांसी जिले का प्रभारी बनाया गया है। नई नियुक्तियों में सामाजिक समीकरण भी चर्चा में हैं।
जिला प्रभारी भाजपा के संगठन में प्रदेश नेतृत्व और जिला संगठन के बीच महत्वपूर्ण समन्वयक की भूमिका निभाते हैं। उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों को जमीन पर उतारने, बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने, कार्यकर्ताओं से संवाद और संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी जैसी जिम्मेदारियां निभानी होती हैं। ऐसे में मिशन-2027 से पहले प्रभारियों का यह बदलाव महज प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन से मजबूत जिम्मेदारी सौंपने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
