कानपुर राशन बाजार के भावों बड़ा उलटफेर, आटा और रिफाइंड पाम ऑयल महंगा, चीनी के घटते दामों से आम जनता को राहत
कानपुर के राशन बाजार में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहाँ चीनी के भाव स्थिर बने हुए हैं। वहीं, ...और पढ़ें

HighLights
चीनी के थोक भाव 49 रुपये पर स्थिर रहे
गेहूं का आटा 32-33 रुपये प्रति किलो तक महंगा हुआ
पाम आयल के दाम में 10 रुपये प्रति किलो की वृद्धि
जागरण संवाददाता, कानपुर। घर की रसोई का बजट बिगाड़ने वाली चीनी के तेवर नरम हुए तो अब गेहूं के आटे ने भाव खाना शुरू कर दिया है। एक महीने पहले तक फुटकर में 29 से 30 रुपये किलो तक बिकने वाला गेहूं का आटा अब 32 और 33 रुपये में बिकने लगा है। इसी के साथ पाम आयल भी दस रुपये प्रति किलो तक महंगा हो गया है जिसका असर आने वाले दिनों में तले हुए खाद्य पदार्थाें के दाम पर पड़ना तय है। चीनी का थोक भाव मंगलवार को शकरपट्टी बाजार में 49 रुपये ही रहा।
थोक और फुटकर किराना बाजार में आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमतों में मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है। गेहूं के आटे का थोक भाव दो दिन में एक रुपये प्रति किलो उछल गया है। गल्ला मंडी के आढ़तियों के अनुसार गेहूं अब किसानों के पास नहीं है। बड़े कारोबारियों व भंडारण से जुड़ी कंपनियों के पास ही अब गेहूं उपलब्ध है। केंद्र सरकार ने गेहूं निर्यात की अनुमति चार महीने पहले ही दे दी है।
बांग्लादेश और सऊदी अरब से गेहूं की मांग बढ़ी है। निर्यात का अवसर मिलने से अब बड़े कारोबारी विदेश में माल भेजने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इस वजह से मंडी में माल की आवक कम हो गई है। भाव में तेजी की वजह किसानों के पास गेहूं नहीं होना और निर्यात की मांग बढ़ना ही है।
गेहूं की नई आवक में अभी लगभग 6 महीने का समय शेष है। जब तक नई फसल बाजार में नहीं आती, तब तक गेहूं के दाम नीचे नहीं आएंगे। जनरल स्टोर संचालक राजेश शुक्ला ने बताया कि पिछले महीने भर से गेहूं के आटे के भाव में तेजी बनी हुई है। अब थोक भाव 31 रुपये से भी ऊपर पहुंच गया है। इसकी वजह से फुटकर दाम भी 33 रुपये प्रति किलो तक है।
खाद्य तेल बाजार में पहले से ही तेजी है। सरसों का तेल दो सौ रुपये में है जबकि पाम आयल के दामों में दो दिन पहले 10 रुपये प्रति किलो की तेजी आई है, जिससे आने वाले दिनों में पैकेज्ड फूड और अन्य खाद्य वस्तुओं की लागत भी बढ़ सकती है।
