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कानपुर में मंगल भवन की पुरानी कमेटी बहाल, नगर आयुक्त की तय की गई पुरानी व्यवस्था भंग

Published: Fri, 09 Oct 2026 06:00 PM (IST)

कानपुर नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में बृजेन्द्र स्वरूप पार्क बेनाझाबर स्थित मंगल भवन का मुद्दा छाया रहा। पार्षदों और ...और पढ़ें

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HighLights

  1. नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में मंगल भवन मुद्दा गरमाया

  2. पार्षदों ने नगर आयुक्त की व्यवस्था को भंग किया

  3. बृजेन्द्र स्वरूप पार्क के मंगल भवन की पुरानी समिति बहाल

जागरण संवाददाता, कानपुर। बृजेन्द्र स्वरूप पार्क बेनाझाबर में बने मंगल भवन का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। नगर निगम कार्यकारिणी की शुक्रवार को हुई बैठक में भी मंगल भवन छाया रहा। मंडलायुक्त के आदेश पर नगर आयुक्त ने 22 सितंबर को मंगल भवन के संचालन, रखरखाव और निर्माण के लिए के लिए दो समितियां भग कर दी थी।

नगर आयुक्त ने रखरखाव व संचालन की जिम्मेदारी संपत्ति विभाग को सौंप दी। इसके तहत नगर निगम ने मंगल भवन में कार्यालय में कब्जा भी ले लिया। इसको लेकर नगर निगम सदन में पार्षदों ने हंगामा भी किया था।

पांच अक्टूबर को बुलाई गई कार्यकारिणी की बैठक में भी समिति निरस्त करने को लेकर पार्षदों व नगर आयुक्त के बीच में नौक झौंक हुई थी। इसके लेकर नौ अक्टूबर को बुलाई गई कार्यकारिणी बैठक में फिर मंगल भवन को लेकर पार्षदों ने अफसरों को घेरा।

मंगल भवन की नगर आयुक्त द्वारा तय की गई व्यवस्था को भंग कर दिया। पुरानी कमेटी को बहाल कर दिया। महापौर ने कहा कि नगर निगम में ही मंगल भवन का किराया जमा हो रहा है। नगर निगम के नियमावली से चल रहा है।

बृजेन्द्र स्वरूप पार्क बेनाझाबर में में बने मंगल भवन के लिए केआईजेसी द्वारा निर्माण के लिए 10 सदस्यीय निगरानी समिति और छह सदस्यीय रखरखाव व संचालन के लिए गठित समिति को नगर निगम ने 22 सितंबर को भंग कर दिया था। अब मंगल भवन के संचालन, रखरखाव, बुकिंग और इससे संबंधित अन्य व्यवस्थाओं की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम के संपत्ति विभाग की होगी।

दोनों कमेटियां भंग होने के बाद भवन की व्यवस्था सीधे नगर निगम के नियंत्रण में आ गई है। फिर से पुरानी समिति ही देखेंगी। इसके अलावा कन्वेंशन सेंटर के संचालन व रखरखाव के लिए तय हुई बालाजी इंटरप्राइजेज कंपनी को निरस्त कर दिया। पिछले दिनों ही नगर निगम से अनुबंध हुआ है।

कार्यकारिणी ने साफ कहा कि नगर निगम की जमीन पर बना है। स्मार्ट सिटी ने बनाया है ऐसे में होने वाली आय का हिस्सा नगर निगम में भी जमा हो। इसके अलावा टेंडर 15 प्रतिशत से अधिक बिलो डालने के अफसरों के फैसले को निरस्त कर दिया। कार्यकारिणी के पुराने फैसले कि 15 प्रतिशत से नीचे बिलो टेंडर डालने वाला निरस्त कर दिया जाएगा।

नगर आयुक्त ने कहा कि शासन के आदेश के तहत लागू किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने यह नियम बनाया है।अगली कार्यकारिणी में प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके अलावा 10 और वार्डों को 20-20 लाख रुपये लाइट लगाने का प्रस्ताव पास कर दिया गया।

साथ ही 20-20 लाख रुपये से विकास कार्य 10 नामित पार्षदों के यहां कराने के आदेश कार्यकारिणी ने दिए। सफाई व्यवस्था के निजीकरण किए जाने को लेकर बैठक में चर्चा नहीं हो पाई।


महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि सफाई व्यवस्था के निजीकरण को लेकर चर्चा नहीं हो पाई है अगली कार्यकारिणी बैठक में मामला रखा जाएगा। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि कार्यकारिणी के मिनट आने पर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। 15 प्रतिशत से और अधिक बिलो टेंडर डालने के पीडब्ल्यूडी के आदेश को लागू किया गया है। इसका प्रस्ताव बनाकर अगली कार्यकारिणी में रखा जाएगा।

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