जमीन विवाद में मुन्ना सिंह ने फिर की फायरिंग, 48 साल पहले भी कर चुका है हत्या
मुन्ना सिंह ने बिधनू के दहेली उजागर गांव में जमीन विवाद को लेकर फिर फायरिंग की, जिसमें चार लोग घायल ...और पढ़ें

घटनास्थल पर जांच करते डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी व थानेदार। जागरण
HighLights
फायरिंग में दिवंगत के चाचा भी गोली लगने से हुए थे घायल, 22 आरोपित रहा था जेल में
जेल से छूटने के बाद सब्जी मसाला की फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड की करने लगा था नौकरी
संवाद सहयोगी, बिधनू(कानपुर)। दहेली उजागर गांव में जमीन के विवाद में बुधवार को ताबड़तोड़ फायरिंग करने के आरोपित मुन्ना सिंह की ये पहली घटना नहीं है। करीब 48 साल पहले भी भी उसने जमीन के विवाद में पड़ोसी परिवार पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। गोली लगने से पड़ोसी के 14 साल के किशोर की मौत और उसके चाचा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हत्याकांड में मुन्ना सिंह ने 22 साल जेल में सजा काटी थी, जिसके बाद वह सब्जी मसाला की फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने लगा था। उसके पास लाइसेंसी बंदूक है।
वर्ष 1978 में अजय पाल सिंह उर्फ मुन्ना सिंह का पड़ोसी रामौतार और उनके परिवार से जमीन को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ा कि मुन्ना सिंह अपने मकान की छत पर चढ़ गया और वहां से रामौतार के परिवार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। गोली लगने से रामौतार के 14 वर्षीय बेटे सुरेंद्र सिंह कछवाहा की मौत हो गई थी, जबकि रामौतार के भाई छोटे लाल घायल हुए थे।
इस हत्याकांड के आरोपित मुन्ना 22 साल तक जेल में रहा। वर्ष 2000 में लखनऊ जेल से वह रिहा हुआ था। अब एक बार फिर उसका अपराधिक इतिहास सबके सामने आ गया। बुधवार को फायरिंग किए जाने की घटना के बाद पुलिस उसका अन्य अपराधिक इतिहास भी खंगालने में जुट गई है।
12 दिन पहले समाधान दिवस पर की गई थी शिकायत
जमीन पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद की शिकायत किसान रोशन पाल ने 12 दिन पहले खड़ेसर चौकी और समाधान दिवस पर की थी। उन्होंने पुलिस और राजस्व विभाग को जमीन पर कब्जा किए जाने की जानकारी देते हुए कार्रवाई की मांग की थी। राजस्व विभाग व पुलिस ने नापजोख कराकर विवाद सुलझाने का आश्वासन दिया था।
इसबीच दोनों पक्षों को दहेली गांव के प्रधान पति रणविजय सोनकर ने मध्यस्थता करके समाधान कराने का भरोसा दिलाकर थाने से ले गए थे। बिधनू थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह ने बताया कि शिकायत के दिन वह थाने में मौजूद नहीं थे। जानकारी करने पर पता चला कि पीड़ित ने केवल मौखिक शिकायत की थी। समाधान दिवस में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं हुई थी। इससे पहले भी इस विवाद को लेकर थाने में कोई शिकायत नहीं आई।
मेड़वा पर काहे चढ़ै रहो...दारोगा से का बता रहे रहो
फायरिंग करने से पहले दोनों पक्षों में जिस समय कहासुनी हो रही थी। तभी एक पक्ष से एक ने कहा कि तुम पुलिस को फोन मिलाओ। इस दौरान दूसरा पक्ष लगातार गाली देता रहा। वह बोला, दारोगा से का बता रहे रहो। बता कराओ। इसबीच गाली-गलौज बढ़ी और मुन्ना सिंह का बेटा शशिकांत बंदूक तान देता है। ये देख एक व्यक्ति कहता है कि गाेली मारेगा। मार गोली। कुछ देर में शशिकांत तीन से चार राउंड फायरिंग कर चार लोगों को घायल कर देता है। दो मिनट 10 सेकेंड के इस वीडियो और मुन्ना सिंह बंदूक लेकर खड़ा हुआ दूसरे वीडियो में दिखा। जबकि तीसरे वीडियो में लोग भागते हुए दिखे।
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