कानपुर के जिला अस्पताल का हाल! डाक्टर गायब, ड्राइवर के भरोसे मरीजों की जान, दवा लिख थमाई पर्ची
कानपुर के कांशीराम चिकित्सालय में डॉक्टर की अनुपस्थिति में उनके ड्राइवर ने ओपीडी में मरीजों को दवा लिखी, जिसका वीडियो ...और पढ़ें

मरीज को दवा लिखता ड्राइवर। वीडियो ग्रैब
HighLights
कांशीराम चिकित्सालय की ओपीडी में डा. रामकेश की जगह उनके ड्राइवर ने मरीज को दवा लिख थमाई पर्ची
मेडिकल आफिसर डा. रामकेश के कोर्ट गवाही में जाने के दौरान ड्राइवर ने किया मरीजों के साथ जानलेवा खेल
जागरण संवाददाता, कानपुर। कांशीराम ट्रामा सेंटर में मरीजों के साथ जानलेवा खेल चल रहा है। सीएमओ मुख्यालय से चंद कदम की दूरी पर स्थित ट्रामा चिकित्सालय के मेडिकल आफिसर डा. रामकेश की जगह उनके ड्राइवर ने मरीजों को ओपीडी में देखकर दवा की पर्ची थमा दी।
इसका वीडियो प्रचलित होने के बाद डा. रामकेश ने अपने ड्राइवर को हटा दिया है। ट्रामा सेंटर में हुई मनमानी का संज्ञान लखनऊ में बैठे स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने भी ले लिया है और इस पर जवाब मांगा है। इससे पहले भी ट्रामा सेंटर में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ की घटना सामने आ चुकी है।
प्रचलित वीडियो में ओपीडी में डाक्टर की कुर्सी पर बैठा ड्राइवर मरीजों को बुलाकर उनका मर्ज पूछ रहा है और फिर पर्ची पर दवा लिखकर उनको कहां मिलेगी उसके बारे में बता रहा है। कई मरीजों के साथ हुए इस जानलेवा खेल का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
मेडिकल आफिसर डा. रामकेश ने बताया कि वे कोर्ट में एक मामले को लेकर गवाही के लिए गए थे। उस समय ही यह घटनाक्रम हुआ है। उन्होंने कहा कि वीडियो में ड्राइवर दवा की पर्ची लिख रहा है। पूछने पर उसने बताया कि एक मिलने वाला मरीज आया था तो दवा लिख दी।
डा. रामकेश ने बताया कि मनमानी करने पर ड्राइवर को हटा दिया है। इस बारे में चिकित्सालय के सीएमएस डा. पीयूष ने कहा कि शासन वे वीडियो का संज्ञान लिया है। पूरे घटनाक्रम पर डा. रामकेश से स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम, सीएमओ व स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को घटनाक्रम से अवगत करा दिया है। स्पष्टीकरण का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एफआइआर की जाएगी।
मरीज बोले, ऐसे तो भरोसा उठ जाएगा
कांशीराम चिकित्सालय की ओपीडी में ड्राइवर के मरीज देखने का वीडियो प्रचलित होने के बाद मरीजों में डर का माहौल है। भर्ती मरीज नूरजहां ने बताया कि मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ चल रहा है। कैसे भरोसा करें कि डाक्टर ने देखा या उनके ड्राइवर ने। तीमारदार संतोष सिंह ने कहा कि अस्पताल में ओपीडी सेवा पर ही भरोसा था। जो अब उठ जाएगा। ऐसा ही हाल रहा तो मरीज डाक्टर को दिखाने से पहले उनकी डिग्री की जांच करेगा।
