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आखिर मौत के छह साल बाद बना कानपुर के विकास दुबे का डेथ सर्टिफिकेट, इस मामले में ऋचा दुबे को जाना पड़ा था हाई कोर्ट

Published: Wed, 16 Sep 2026 04:09 PM (IST)

कानपुर के गैंगस्टर विकास दुबे का मृत्यु प्रमाण पत्र आखिरकार छह साल बाद जारी हो गया है। पिता के नाम ...और पढ़ें

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HighLights

  1. विकास दुबे का मृत्यु प्रमाण पत्र छह साल बाद जारी हुआ

  2. पिता के नाम की त्रुटि के कारण प्रमाण पत्र रुका था

  3. ऋचा दुबे को प्रमाण पत्र के लिए हाईकोर्ट जाना पड़ा

जागरण संवाददाता, कानपुर। आखिरकार कानपुर के विकास दुबे के डेथ सर्टिफिकेट का मामला थम गया। मौत के छह साल बाद विकास दुबे का डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है। उनकी पत्नी ऋचा दुबे ने इसकी पुष्टि की।

गैंगस्टर विकास दुबे की पुलिस इनकाउंटर में मौत के छह साल बाद भी उसका मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं हो सका था। पोस्टमार्टम से संबंधित दस्तावेजों और बाडी डिस्पोजल स्लिप में पिता का नाम गलत दर्ज होने के कारण प्रमाणपत्र बनने में अड़चन आ रही थी। मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया। न्यायालय की ओर से स्वास्थ्य विभाग से आख्या तलब किए जाने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. हरिदत्त नेमी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे और संबंधित अभिलेखों की जांच की।

सीएमओ ने पोस्टमार्टम हाउस कार्यालय में पंचायतनामा रजिस्टर, संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर समेत अन्य दस्तावेज देखने के बाद रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद हाई कोर्ट को सर्टिफिकेट सौंप दिया गया था।

10 जुलाई 2020 को पुलिस इनकाउंटर में विकास दुबे की मौत हुई थी। पोस्टमार्टम हाउस से जारी बाडी डिस्पोजल स्लिप में उसके पिता का नाम रामकुमार दुबे के स्थान पर राजकुमार दुबे दर्ज हो गया था। यही गलती बाद में मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने में बड़ी बाधा बन गई। विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे जब नगर निगम में मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचीं तो दस्तावेजों में पिता का नाम गलत दर्ज होने की जानकारी हुई।

ऋचा दुबे ने नाम दुरुस्त कराने के लिए नगर निगम, पोस्टमार्टम हाउस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से भी शिकायत कर दस्तावेजों में दर्ज गलत नाम को सही कराने और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कराने की मांग की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।