IIT का स्टार्टअप 'फूल’ के फ्लेदर लंदन के द अर्थशाट पुरस्कार की फाइनलिस्ट की सूची में चयनित, 'खेती' भी शामिल
कानपुर आइआइटी के स्टार्ट अप फूल’ की ओर से फूलों के कचरे से बनाए जा रहे चमड़े के विकल्प ‘फ्लेदर’ उत्पाद को लंदन में प्रिंस विलियम ने प्रतिष्ठित द अर्थशाट पुरस्कार के 15 फाइनलिस्ट की सूची में चयनित किया गया है।

कानपुर, जागरण संवाददाता। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) के स्टार्टअप ‘फूल’ की ओर से फूलों के कचरे से बनाए जा रहे चमड़े के विकल्प ‘फ्लेदर’ उत्पाद को लंदन में प्रिंस विलियम ने प्रतिष्ठित द अर्थशाट पुरस्कार के 15 फाइनलिस्ट की सूची में चयनित किया गया है। इसमें से पांच सर्वश्रेष्ठ उत्पादों को बोस्टन में दिसंबर माह में एक मिलियन पाउंड (करीब 10 करोड़ रुपये) पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।द अर्थशाट पुरस्कार प्रिंस की ओर से वर्ष 2020 में शुरू किया गया था। इस वर्ष दूसरी बार अवार्ड प्रदान किया जाएगा।
द अर्थशाट पुरस्कार के फाइनलिस्ट की सूची का शुक्रवार को अनावरण खुद प्रिंस विलियम ने किया। फूल के संस्थापक काकादेव मोतीविहार कालोनी निवासी अंकित अग्रवाल ने बताया कि इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए विश्व के विभिन्न देशों से करीब 1000 प्रतिभागियों ने अपने उत्पादों का नामांकन कराया था।
10 महीने तक कठोर चयन प्रक्रिया के बाद विशेषज्ञ सलाहकारों ने पांच विभिन्न कैटेगरी प्रकृति संरक्षण, वायु शोधन, समुद्र को पुनर्जीवित करने, कचरा मुक्त विश्व, जलवायु संरक्षण क्षेत्र में 15 फाइनलिस्ट चुने, जिसमें भारत से ‘फूल’ के फ्लेदर और सिकंदराबाद के ‘खेती’ नामक दो स्टार्टअप शामिल हैं।
इन सभी फाइनलिस्ट में से पांच विजेताओं को दो दिसंबर को द प्रिंस एंड प्रिंसेस आफ वेल्स बोस्टन में होने वाले समारोह में पुरस्कार प्रदान करेंगे। यह पुरस्कार पूर्व राष्ट्रपति जान एफ कैनेडी की स्मृति में शुरू किया गया था, जिन्होंने 1960 के दशक में चंद्रमा पर मनुष्य के पहुंचने और नई तकनीक के विकास को उत्प्रेरित किया था।
अंकित ने बताया कि प्रिंस विलियम ने कहा है कि विजेताओं ने खुद को वर्ष 2022 का नवप्रवर्तक, नेता व दूरदर्शी होने की बात साबित की है। वे अपने समय, ऊर्जा व प्रतिभा से वैश्विक मुद्दों के समाधान के लिए काम कर रहे हैं।
विश्व के ये 15 स्टार्टअप व उत्पाद हुए चयनित
प्रकृति की रक्षा व पुनर्स्थापना के क्षेत्र में चीन का डेजर्ट एग्रीकल्चर ट्रांसफार्मेशन, मलेशिया के हूतान, भारत के खेती को, वायु को साफ करने के लिए हांगकांग के एएमपीडी एनरटेनर, केन्या के मुकुरू क्लीन स्टोव व रोम को, महासागरों को पुनर्जीवित करने के लिए नीदरलैंड के ग्रेट बबल बैरियर, आस्ट्रेलिया के ग्रेट बैरियर रीफ व पुर्तगाल के सी फारेस्टर को, अपशिष्ट मुक्त विश्व बनाने के लिए सिटी आफ एम्सटर्डम सर्कुलर इकोनमी, भारत के फ्लेदर, यूनाइटेड किंगडम के नोटप्ला, जलवायु ठीक करने के लिए अमेरिका के लैंजाटेक, यूनाइटेड किंगडम के लो कार्बन मैटीरियल व ओमान के 44.01 को शामिल किया गया है।
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