कानपुर में किसानों का प्रदर्शन, आलू की माला पहन पहुंचे कमिश्नर ऑफिस
किसानों ने कानपुर में मंडलायुक्त कार्यालय पर आलू की गिरती कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से आलू के ...और पढ़ें

HighLights
आलू की गिरती कीमतों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन
मंडलायुक्त कार्यालय में आलू की माला पहनकर विरोध जताया
सरकार से आलू के दाम निर्धारित करने की प्रमुख मांग
जागरण संवाददाता, कानपुर। आलू की लगातार गिरती कीमतों से परेशान किसानों ने शुक्रवार को मंडलायुक्त कार्यालय में प्रदर्शन कर सरकार से आलू के दाम निर्धारित करने की मांग उठाई। किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष व भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव अजय अनमोल के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने गले में आलू की माला पहनकर और सिर पर आलू की बोरी रखकर विरोध जताया। किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन अपर आयुक्त सुशीला को सौंपा।
अजय अनमोल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के आलू किसान लगातार दो वर्षों से लागत के अनुरूप मूल्य नहीं मिलने से आर्थिक संकट में हैं। फर्रुखाबाद समेत कई जिलों में किसानों की स्थिति बेहद खराब है। अधिक उत्पादन के बावजूद उचित मूल्य न मिलने से किसान कर्ज में डूब रहे हैं। इसका असर आलू आधारित व्यापार और उद्योग पर भी पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों के आंदोलन के बाद सरकार ने 22 लाख मीट्रिक टन आलू 605 रुपये नौ पैसे प्रति क्विंटल की दर से खरीदने का निर्णय लिया था। इसके लिए फर्रुखाबाद मंडी समेत 35 क्रय केंद्र खोले गए, लेकिन किसानों का एक किलो आलू भी नहीं खरीदा गया। इससे सरकारी योजनाओं के प्रति किसानों में विश्वास कम हुआ है।
ज्ञापन में आलू की बार-बार होने वाली बर्बादी रोकने के लिए तत्काल आलू नीति बनाने और किसानों को लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित करने की मांग की गई। साथ ही शीतगृहों में रखे आलू का पूरा भंडारण शुल्क सरकार द्वारा वहन करने, आलू पर मंडी शुल्क समाप्त करने और हाइब्रिड आलू का न्यूनतम मूल्य 1000 रुपये तथा चिप्सोना व हालैंड किस्म का 1500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग की गई।
किसानों ने निर्धारित मूल्य से कम भाव मिलने पर भावांतर योजना लागू करने, संकट की अवधि में रेल से आलू परिवहन निश्शुल्क करने, आलू किसानों के कर्ज माफ करने तथा राशन की दुकानों और सरकारी योजनाओं में आलू के उपयोग की मांग भी रखी। प्रदर्शन में अशोक कटियार, सुधीर शुक्ला, अनुराग यादव, सूर्य प्रकाश तिवारी, लल्लन शर्मा, समेन्द्र कटियार, विजय कटियार समेत कई जिलों के किसान पदाधिकारी मौजूद रहे।
