आधुनिक कृषि यंत्रों के लिए किसानों को मिल रही सब्सिडी, आसान हो रही खेती, इस तरह उठा सकते हैं योजना का लाभ
कानपुर में किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी मिल रही है, जिससे खेती आसान हो रही है। वित्तीय वर्ष ...और पढ़ें

HighLights
कानपुर में किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर मिल रही सब्सिडी
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 172 किसानों को मिला अनुदान
ऑनलाइन बुकिंग, ई-लॉटरी से चयन, डीबीटी द्वारा अनुदान भुगतान
जागरण संवाददाता, कानपुर। आधुनिक कृषि यंत्र किसानों की मेहनत कम करने के साथ खेती को आसान बना रहे हैं। कानपुर में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 172 किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए। इनमें सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (एसएमएएम) के तहत 149 और फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत 23 किसान लाभान्वित हुए।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में दोनों योजनाओं के तहत कुल 347 फार्म मशीनरी बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर एवं व्यक्तिगत कृषि यंत्रों का लक्ष्य मिला है। ऑनलाइन बुकिंग और ई-लाटरी से चयन के बाद यंत्रों के सत्यापन और डीबीटी के माध्यम से अनुदान भुगतान की प्रक्रिया चल रही है।
उप कृषि निदेशक डा. आरएस वर्मा के अनुसार एसएमएएम योजना में वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 383 कृषि यंत्रों का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष 149 चयनित किसानों को निर्धारित अनुदान हस्तांतरित कर लाभान्वित किया गया।
इसमें 10 हजार रुपये तक अनुदान वाले कृषि यंत्र एवं कृषि रक्षा उपकरणों के लिए 249 का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 62 किसानों को अनुदान दिया गया। इस श्रेणी में पशु एवं मानव चालित यंत्रों के साथ चैप कटर, साइथ, ड्रम सीडर, मैनुअल, फुट एवं बैटरी चालित स्प्रेयर, ईको फ्रेंडली लाइट ट्रैप और हैंड विनोइंग फैन जैसे उपकरण शामिल हैं।
दस हजार रुपये तक अनुदान वाले यंत्रों में किसानों की सबसे अधिक रुचि मानव चालित चैप कटर में रहती है। इसके विपरीत मैनुअल स्प्रेयर, ड्रम सीडर, साइथ और लाइट ट्रैप की बुकिंग अपेक्षाकृत कम है।
एसएमएएम के तहत 10 हजार रुपये से अधिक अनुदान वाले कृषि यंत्रों एवं कृषि रक्षा उपकरणों के लाभार्थियों का चयन ई-लाटरी के माध्यम से किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस श्रेणी में 134 यंत्रों का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष चयनित 87 किसानों को योजना का लाभ दिया गया।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में एसएमएएम के तहत दो फार्म मशीनरी बैंक, 11 कस्टम हायरिंग सेंटर और 270 एकल कृषि यंत्रों का लक्ष्य मिला है। इसके लिए 10 अगस्त तक कर्मचारियों, कृषक गोष्ठियों और विज्ञापनों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया। किसानों की ऑनलाइन बुकिंग के बाद ई-लाटरी से लाभार्थियों का चयन किया गया है। चयनित किसानों द्वारा खरीदे गए कृषि यंत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद अनुदान की धनराशि डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में भेजी जाएगी।
फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए संचालित प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिड्यू योजना में वित्तीय वर्ष 2025-26 में कस्टम हायरिंग सेंटर का एक लक्ष्य मिला था, जिसे शत-प्रतिशत पूरा किया गया। व्यक्तिगत कृषि यंत्रों के लिए मिले 46 के लक्ष्य के सापेक्ष 22 किसानों को कृषि यंत्र वितरित किए गए। इस तरह कुल 47 के लक्ष्य के सापेक्ष 23 चयनित किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए।
योजना के घटक-3 के तहत सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों का लक्ष्य भी शत-प्रतिशत पूरा किया गया। इसके तहत जनपद एवं न्याय पंचायत स्तर पर कृषक जागरूकता कार्यक्रम, स्थायी होर्डिंग, कृषि यंत्र प्रदर्शन, प्रचार वाहन और वाल पेंटिंग के माध्यम से किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया।
फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े यंत्रों में किसान सुपर सीडर, पैडी स्ट्रा चापर, कस्टम हायरिंग सेंटर तथा रीपर कम्बाइंडर को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं रोटरी स्लेशर, श्रब मास्टर, सरफेस सीडर, बेलिंग मशीन, स्ट्रा रेक, जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, श्रेडर एवं मल्चर की मांग बहुत कम है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के तहत चार कस्टम हायरिंग सेंटर और 60 व्यक्तिगत कृषि यंत्रों का लक्ष्य मिला है। किसानों की ऑनलाइन बुकिंग के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत ई-लाटरी से लाभार्थियों का चयन किया गया है। चयनित लाभार्थियों द्वारा कृषि यंत्र खरीदकर पोर्टल पर अपलोड किए गए बिल-वाउचर का सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से अनुदान की धनराशि हस्तांतरित की जाएगी।
