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कानपुर में छह माह में दो भाई कर चुके आत्महत्या, तीसरे ने भी दी जान....मां बोली-सपने में बुलाने की बात कहता था बेटा

Published: Sun, 11 Oct 2026 11:20 PM (IST)

कानपुर में एक परिवार के तीसरे बेटे ने भी आत्महत्या कर ली, जिससे छह महीने में तीनों बेटों की मौत ...और पढ़ें

यह प्रतीकात्मक तस्वीर है।

यह प्रतीकात्मक तस्वीर है।

HighLights

  1. कानपुर में तीसरे भाई ने घर से कूदकर जान दी

  2. छह माह में परिवार के तीनों बेटों की आत्महत्या

  3. मृतक भाइयों के सपने में आने से परेशान था

जागरण संवाददाता, कानपुर। जाजमऊ थाना क्षेत्र में बीते शुक्रवार दोपहर टेनरी कर्मी ने अपने घर की दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी। जिसके बाद उसे कांशीराम अस्पताल लाया गया था। जहां हालात नाजुक होने पर एलएलआर रेफर किया गया था। जहां उसकी उपचार के दौरान रविवार सुबह मौत हो गई।

बतादें कि परिवार के तीन बेटों ने महज छह माह में आत्महत्या कर चुके हैं। मृतक अक्सर अपनी मां से दिवंगत भाइयों के सपने में आने और अपने पास बुलाने की बात कहता था। स्वजन ने उसका उपचार कराने के साथ झाड़-फूंक भी कराई , पर उसे नहीं बचा सकी।

बतादें कि जाजमऊ थाना क्षेत्र के वाजिदपुर निवासी 29 वर्षीय विकास कुमार टेनरी में कर्मी था, उसके परिवार में पत्नी सरोज के अलावा दो साल का बेटा निशु है। उसके पिता रामशंकर पैरालिसिस से पीड़ित होने के कारण घर पर ही रहते हैं।

वहीं, मां छिदाना के अलावा दो बहनें दामिनी व गुड़ियां हैं। वहीं दो छोटे भाई थे , जो कुछ समय पहले ही आत्महत्या कर चुके थे। मृतक की मां छिदाना के अनुसार बीते 24 जून को उनके सबसे छोटे बेटे अमन ने भी इसी घर की दो मंजिला छत से कूदकर आत्महत्या की थी।

मझले बेटा गोविंद ने बीती 14 जुलाई को फंदा लगाकर आत्महत्या की थी। इसके बाद विकाश ने भी बीती 9 अक्टूबर को सबसे बड़ा बेटा विकास भी छत से कूद गया। वह घटना के दिन काम पर नहीं गया था। वह दोनों भाइयों की मौत से परेशान रहता था, उन्हें हमेशा याद करता था। घटना इलाके में चर्चा का विषय बनीं है।

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