Kanpur Murder Case: अय्याशी की जिंदगी चाहता था सुब्रत, शातिर की तरह रची पिता की हत्या की साजिश; एक गलती से फंसा
दवा कारोबारी पिता विनीत मिनोचा की हत्या का साजिशकर्ता बेटा सुब्रत करोड़ों की दौलत का इकलौता वारिस बन अय्याशी की ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर। दवा कारोबारी पिता विनीत मिनोचा की हत्या का साजिशकर्ता बेटा सुब्रत करोड़ों की दौलत का इकलौता वारिस बन अय्याशी की जिंदगी जीना चाहता था। उसने पिता का कत्ल कराने और पत्नी को साजिशकर्ता बना जेल भिजवाने के लिए नौकर विशाल के साथ मिलकर 90 दिन में ये पटकथा लिखी थी।
वह अपनी योजना में काफी हद तक कामयाब भी रहा। जैसे हर फिल्मी कहानी में विलेन से कोई न कोई सुराग छूट जाता है और वह पकड़ा जाता है, उसी तरह सुब्रत से भी सुराग छूट गया था। सुब्रत अपने फ्लैट के कमरे में लगे कैमरों की रिकार्डिंग के लिए लगा डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकार्डर) बंद करते हुए सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया। अब वह सलाखों के पीछे है।
रतन आर्बिट अपार्टमेंट निवासी विनीत मिनोचा की हत्या में पुलिस ने जांच और गिरफ्तारी में काफी जल्दबाजी की, जिससे पुलिस की काफी किरकिरी भी हुई। पुलिस ने हत्यारोपित विशाल और साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया और विशाल व सिक्योरिटी गार्डों के इंचार्ज मदन सिंह के बयान को आधार बनाकर विनीत मिनोचा की बहू शालू समेत तीनों को जेल भेज दिया। वहीं जब पुलिस ने विवेचना आगे बढ़ाई तो कई सवाल और कमियां उभरने लगीं।
जांच में पुलिस को भी लगने लगा कि शालू बेकसूर है, लेकिन पुलिस को इस गुत्थी को सुलझाने और शालू को बेगुनाह साबित करने में 18 दिन लग गए। बुधवार रात सुब्रत ने पुलिस के सामने अपना गुनाह स्वीकार कर शालू को बेगुनाह बताया। उसने जब पिता की हत्या कराने से लेकर शालू को जेल भिजवाने तक की पटकथा सुनाई तो पुलिस भी हैरान रह गई।
उसने कहा कि कसीनों और आइपीएल मैचों में सट्टा लगाने में करीब 20 लाख हार गया था और पहले से ही उस पर काफी कर्ज था। कर्ज चुकाने के लिए पिता से मदद मांगी तो उन्होंने मना कर बेइज्जत किया। इस पर उनकी हत्या करने की ठान ली थी।
19 जून को वह कनाडा से आए एक दोस्त से कर्ज लेने के लिए देहरादून भी गया था। वहां से आते ही नौकर विशाल से पिता की हत्या करने की बात कही तो वह भी तैयार हो गया। इसके बाद अलग-अलग योजना बनाई गई और बाद में 90 दिन में हत्या को स्वाभाविक मौत दर्शाने के लिए तकिया से मुंह दबाकर मारना ही तय हुआ, लेकिन हालात ऐसे हुए कि विशाल और राजकिशोर को चाकू से हत्या करनी पड़ी।
आपके लिए तो अपनी जान दे सकता हूं, यहां तो जान लेनी...
सुब्रत ने पुलिस को बताया कि विशाल से जब पिता की हत्या करने के बारे में बात की तो उसने कहा कि आपके लिए तो अपनी जान दे सकता हूं, यहां तो जान लेनी है। जब आप ही अपने पिता की हत्या कराना चाहते हैं तो कोई बड़ी बात होगी। इस पर सुब्रत ने उसे उसका डेढ़ लाख का कर्ज चुकाने व छह लाख हत्या की सुपारी के लिए देने की बात कही। इस दौरान दो लाख एडवांस भी दिए।
ये कर्ज और लोन ले रखा था सुब्रत ने
- 14 लाख रुपये शालू ने अपने पिता से दिलाए थे।
- 9.50 लाख दोस्त हर्षित से कर्ज लिया।
- पांच लाख रुपये लोन मनी व्यू फाइनेंस एप के जरिये।
- तीन लाख रुपये लोन नवी फाइनेंस एप के जरिये।
- 75 हजार रुपये लोन आइसीआइसीआइ बैंक से।
- 50 हजार रुपये का लोन एक्सिस बैंक से।
- 25 हजार रुपये लोन आरबीएल बैंक से।
